ranchi paryatan sthal: 10 जबरदस्त जगहें जो चौंका देंगी!

Ranchi paryatan sthal: रांची झारखण्ड राज्य की राजधानी है | जो पहले बिहार का हिस्सा था और बाद में अलग राज्य बन गया | यहाँ बहुत से खनिज पदार्थ भी मिलता है जो धात्विक तथा अधात्विक दोनों ही हो सकते है | भारत का सबसे ज्यादा खनिज पदार्थ रांची के झारखण्ड में ही मिलता है | खनिज संसाधनों की बहुलता के कारण ही झारखंड को भारत का ” रूर प्रदेश ” भी कहा जाता है ।

15 नवंबर 2000 को झारखण्ड के गठन के साथ रांची राज्य की राजधानी बानी | रांची खनिज पदार्थो के अलावा यहाँ के हरियाली , झरनो, मंदिरो और जल जलप्रपातों के लिए भी जाना जाता है | यहाँ पर अद्भुत पहाड़ियां भी है | इसे (रांची को) “झरनों की नगरी (City of Waterfalls)” के नाम से भी जाना जाता है |

 रांची शहर को एक बार बिहार राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में भी पहचान मिली थी जबकि ब्रिटिश शासन के दौरान रांची को एक हिल स्टेशन के रूप में भी पहचान मिली थी। रांची शहर वर्तमान में खनिज संपन्न राज्य के रूप में जाना जाता है और देश के कुल खनिज भंडारो का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा रांची से ही प्राप्त होता हैं।

यहाँ के बोली भाषा में हिंदी, नागपुरी, अंग्रेज़ी, और संथाली सम्लित हैं | यहाँ कई प्रमुख झरने और घाटियाँ हैं जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं: जैसे हुंडरू फॉल्स, दशम फॉल्स, और पतरातू घाटी आदि |

यहाँ मौसम पुरे साल सुहाना बना रहता है | भारत के महान क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का जन्मस्थल भी यही है, जिससे यह शहर और भी लोकप्रिय है। आइए जानते हैं रांची की 10 ऐसी जगहों के बारे में जो आपको हैरान कर देंगी।

रांची के 10 प्रमुख दर्शनीय स्थल.. Top Tourist Place of Ranchi ( यात्रा रांची का )

1. हुंडरू फॉल्स (Hundru Falls)(Ranchi paryatan sthal)

Hudru falls

हुंडरू फॉल्स रांची जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो झारखंड राज्य में स्थित है। यह झरना स्वर्णरेखा नदी पर बना है और लगभग 320 फीट (98 मीटर) की ऊंचाई से गिरता है, जिससे यह राज्य का सबसे ऊंचा जलप्रपात बन जाता है| यह भारत का 34वां सबसे ऊंचा जलप्रपात भी है | हुंडरू फॉल्स रांची शहर से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | यहाँ तक पहुँचने के लिए आप रांची-पुरीलिया रोड या ऑरमांझी होते हुए जा सकते हैं।

  • रांची के हरियाली के आकर्षण का कारण यहाँ की खूबसूरत चट्टानें है | ये चट्टानें जलप्रपात के नीचे एक प्राकृतिक पूल बनाते है , जो स्नान और पिकनिक के लिए उपयुक्त है |
  •  यह रांची के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और मानसून के दौरान यहाँ का दृश्य अत्यंत मनमोहक हो जाता है |
  • यहाँ का फॉल सुन्दर व् मनमोहक है जो पर्यटकों के बीच रोमांच व् उत्साह भर्ती हैं |
  • वर्षा के मौसम में इस जलप्रपात की धरा और मोटी हो जाती है जिससे यह और भी मनमोहक और आकर्षित हो जाती है | ऐसी से सिकिदरी में पनबिजली का उत्पादन होता है |
  • यह जलप्रपात झारखण्ड राज्य का सबसे प्रशिद्ध और दूसरे नम्बर पे आने वाला सबसे ऊचा जलप्रपात है | स्वर्णंरेखा नदी की जलराशि ऊचाई से गिरने वाली पनबिजली का लाभ झारखण्ड को 50 वर्षो से हो रहा है |
  • सैलानी झरने के उद्गम तथा नीचे की तलहटी, दोनों ओर से प्रपात की गिरती स्वच्छ-धवल जलराशि देखने का आनन्द ले सकते हैं। पठारों के नदियों में उचाई से गिरने के कारण इनका निर्माण होता है |
  • क्या करें: ट्रेकिंग, फोटोग्राफी, प्राकृतिक दृश्य का आनंद।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: हटिया (25 किमी)
  • निकटतम मेट्रो शहर: कोलकाता (365 किमी)
  • फ्लाइट: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से 30 किमी (कैब ~ ₹500)
  • बजट: कैब यात्रा ₹1000, खाना ₹200, एंट्री फ्री

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2. रॉक गार्डन और कांची डैम

rock garden

Ranchi paryatan sthal: यह चट्टानों को कृत्रिम रूप से खूबसूरत डिज़ाइन में काटकर बनाया गया है | रॉक गार्डन (Rock Garden) में लोहे की छड़ से बना झूला, चट्टानों की मूर्तियाँ, झरने और गुफाएँ पर्यटकों को आकर्षित करती हैं और उनका मन मोह लेती हैं | रॉक गार्डन का प्रमुख आकर्षण और यहां की मुख्य पहचान लोहे की फुटब्रिज है।

  • रॉक गार्डन रांची रेलवे स्टेशन से 9 किलोमीटर और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पे है , जो रांची के कांके रोड पर, गोंडा पहाड़ी पर बसा हुआ है |
  • गोंडा हिल की प्राकृतिक चट्टानो से बने मंदिर की सुन्दर मुर्तिया , झरने , झूले और बच्चो के लिए अलग खेल तकनीक चट्टानों को काटकर तराशा गया है |
  • यहाँ से कांके डैम का शानदार और मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। सूर्यास्त के समय का नज़ारा बेहद आकर्षक होता है |
  • यहाँ की सुविधाएं भी कमाल की है खाने पीने के लिए कैफेटेरिया और बैठने के लिए जगह समय बिताने के लिए पार्क और पिकनिक मानाने के लिए उपयुक्त स्थान | यह रांची का सबसे लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है |

कांके डैम रांची के सबसे पुराने और प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट्स में गिना जाता है। यह डैम रॉक गार्डन के पास ही स्थित है, जिससे दोनों जगहों की यात्रा एक साथ की जा सकती है |

  • रॉक गार्डन और कांके डैम दोनों एक दूसरे के पास स्थित है जिससे दोनों जगह एक साथ घूमा जा सकता है |
  • कांके डैम बहुत बड़ा जलाशय या पानी का स्त्रोत है जिससे रांची शहर के लिए जल पूर्ति किया जाता है और यहाँ का वातावरण शांत तथा पिकनिक के लिए भी उपयुक्त है |
  •  डैम के किनारेकांके डैम सुंदर पिकनिक स्पॉट है। कांके डैम के किनारे बैठना अपने आप में एक अलग अनुभव है यहाँ के पहाड़ियों के नज़ारे अत्यंत मनमोहक है | यहाँ से रॉक गार्डन का नज़ारा भी शानदार दिखता है |
  • क्या करें: पिकनिक, फोटोज, सनसेट व्यू।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: रांची जंक्शन (6 किमी)
  • बजट: ऑटो ₹100, एंट्री ₹20, खाना ₹250

3. जगन्नाथ मंदिर (Ranchi paryatan sthal)

1691 में बना यह मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बना है। यहां हर साल रथ यात्रा आयोजित होती है। यहाँ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के साथ-साथ आपको प्रकृति और झारखंड की संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है जिसका नजारा बहुत भव्य है | पहाड़ी पर होने के कारण यहाँ से सूर्यास्त और रांची शहर का विहंगम दृश्य देखने को मिलता है।

  • 1691 में राजा एनी नाथ शाहदेव ने मंदिर का निर्माण कराया था |
  • 328 साल का हुआ जगन्नाथ मंदिर |
  • 1979 में मंदिर को ट्रस्ट बना दिया गया |
  • मंदिर को व्यवस्थित करने के लिए राजासाहब ने सभी धर्मो के लोगो को मंदिर से जोड़ा था |
  • कभी मंदिर की पहरेदारी में मुस्लिम युवक भी तैनात रहते थे |
  • पहाड़ी की चोटी पर बना यह मंदिर मीलो दूर से देखा जा सकता है और इस मंदिर का इतिहास बहुत ही रोचक और दिलचस्प है |
  • इस मंदिर को निर्माण करने की योजना राजा ने स्वपन्न में देखा था यह स्वपन्न भगवान् जगन्नाथ ने दिखाया था जो पहाड़ो के ऊपर बनाने को कहा था |
  • यह मंदिर राजा को स्वपन में दिखाए गए पहाड़ी पे है जो आज धार्मिक , सांस्कृतिक और सामाजिक आस्था का केंद्र है |
  • समय के साथ, इस मंदिर ने कई सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों की मेजबानी की और रांची के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बन गया।
  • जगन्नाथ मंदिर की वास्तुकला ओडिशा के पारंपरिक स्थापत्य शैली पर आधारित है, जिसमें शिखर और गर्भगृह प्रमुख हैं।
  • मंदिर का शिखर विशाल और उन्नत है, जो इसे दूर से ही दिखाई देता है। मंदिर के अंदर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की सुंदर मूर्तियाँ स्थापित हैं, जिनकी पूजा और अर्चना भक्तगण बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ करते हैं।
  • क्या करें: पूजा, दर्शन, वास्तुकला देखना।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: हटिया (10 किमी)
  • बजट: लोकल बस ₹20, खाना ₹100

4. बिरसा जैविक उद्यान (Zoological Park)

Zoological Park

Ranchi paryatan sthal: भगवान बिरसा जैविक उद्यान है, जिसे रांची का चिड़ियाघर भी कहा जाता है| झारखंड का सबसे बड़ा और सबसे सुंदर जैविक उद्यान बिरसा जैविक उद्यान है। यह उद्यान रांची शहर से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित है |

यह रांची के ओरमांझी के चाकला गांव में स्थित है। यहां लगभग 1450 वन्यजीव रहते हैं, जो 83 विभिन्न प्रजातियों के हैं, जिनमें स्तनधारी, पक्षी और सरीसृप शामिल हैं। उद्यान का उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, शिक्षा और शोध है।

इसकी स्थापना 26 जनवरी 1994 में हुआ | यहाँ का क्षेत्रफल 104 हेक्टेयर (81 हेक्टेयर जूलॉजिकल और 23 हेक्टेयर बोटैनिकल) फैला हुआ है | यहाँ का प्रमुख आकर्षण वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवास, बटरफ्लाई पार्क, और एक्वेरियम है |

  • यहाँ शेर, बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, मगरमच्छ, घड़ियाल, हिरण, जिराफ, राइनो (गैंडा), बंदर, पक्षियों की अनेक प्रजातियाँ और कई अन्य जानवर देखे जा सकते हैं |
  • जून 2025 में यहाँ छत्तीसगढ़ के नंदनवन चिड़ियाघर से एक जोड़ा शेर (अभय और शबरी) और एक जोड़ा मगरमच्छ लाए गए हैं, जिससे अब यहाँ शेरों की संख्या बढ़ गई है |
  • पार्क में जल्द ही स्काई वॉक (ग्लास ब्रिज) जैसी नई सुविधाएँ शुरू होने जा रही हैं, जिससे जंगल के ऊपर से जानवरों को देखने का अनूठा अनुभव मिलेगा |
  • यहाँ वाशरूम, बैठने के लिए जगह और खाना – पीना और फोटोग्राफी की सुबिधाये भी उपलब्ध है |
  • क्या करें: जानवरों को देखना, बच्चों के लिए उपयुक्त।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: हटिया (12 किमी)
  • बजट: एंट्री ₹30, कैमरा ₹50, खाना ₹150

5. पत्थलगरिया घाटी

पत्थलगरिया घाटी रांची के पास एक अद्भुत प्राकृतिक स्थल है, जो शांति, सौंदर्य और एडवेंचर के लिए उपयुक्त है। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं और रांची के पास एक शांतिपूर्ण स्थल की तलाश में हैं, तो यह घाटी आपके लिए एक आदर्श स्थान है।

यह घाटी रांची की सीमाओं के पास है, और यहाँ ट्राइबल मूवमेंट के चिन्ह मिलते हैं। प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत है। रांची शहर से लगभग 35 किमी दूर, ओरमांझी क्षेत्र के पास है |

  • क्या करें: ट्रेकिंग, फोटोग्राफी
  • निकटतम मेट्रो शहर: पटना (~330 किमी)
  • बजट: ट्रैवल खर्च ₹1200, खाना ₹300

6. धुर्वा डैम (Ranchi paryatan sthal)

dhurwa dam

यह झारखंड के पुराने डैम्स में से एक है। धुर्वा डैम, जिसे हाटिया डैम भी कहा जाता है, रांची, झारखंड में स्थित एक प्रमुख जलाशय है। यह डेम 1963 में सोवियत सहायता से निर्मित हुआ था और यह सुबर्नरेखा नदी पर स्थित है। यह डैम रांची के आस पास के क्षेत्रो में जल का संतुलन बनाना है |

धुर्वा डैम रांची का प्रमुख पर्यटन स्थल है | यहाँ लोग ठंडी हवा में समय बिताना पसंद करते है | इस डैम का क्षेत्रफल काफी बड़ा है जिसके कारण यहाँ भरी भीड़ के बाद भी तंग नहीं लगता और यहाँ पे सुकून से लोग सुकून के पल बिताते हैं | यह स्थान पिकनिक के लिए भी प्रयोग किया जाता है |

यह डेम रांची शहर के केंद्र से लगभग 13-15 किलोमीटर दूर स्थित है | धुर्वा डैम के आसपास कई स्टॉल्स हैं, जहां मोमोज़, चाट, गुपचुप, मूंगफली, पॉपकॉर्न और चाइनीज़ जैसे स्नैक्स मिलते है |

हालांकि, हाल के दिनों में धुर्वा डैम कुछ नकारात्मक वजहों से भी चर्चा में रहा है। पिछले एक साल में यहां आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं, जिससे इसे ‘सुसाइड प्वाइंट’ भी कहा जाने लगा है। पुलिस ने सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी है, क्योंकि डैम में डूबने और आत्महत्या की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें युवाओं की संख्या अधिक है |

इसके अलावा, स्थानीय लोगों के बीच यह अफवाह भी फैली है कि डैम पर शाम के बाद ‘भूत-प्रेत’ सक्रिय हो जाते हैं। कुछ घटनाओं और वायरल वीडियो के बाद, कई लोग शाम के समय डैम पर जाने से कतराते हैं। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय पुलिस भी लोगों को शाम के बाद वहां न जाने की सलाह देती है

  • क्या करें: बोटिंग, पिकनिक
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: रांची (8 किमी)
  • बजट: बोटिंग ₹50, खाना ₹200

7. पंचघाघ फॉल्स (Ranchi paryatan sthal)

panchghagh falls

यह फॉल्स ( झरना ) 5 अलग-अलग धाराओं में गिरता है, इसलिए इसका नाम पंचघाघ पड़ा। पंचघाघ जलप्रपात, खुंटी जिले में स्थित एक अद्वितीय और सुरम्य स्थल है, जो रांची से लगभग 50 किलोमीटर दूर रांची-चाईबासा मार्ग पर स्थित है। पंचघाघ फॉल्स प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक मान्यता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। पंचघाघ फॉल्स घूमने के लिए जनवरी से अप्रैल तक का समय उपयुक्त माना जाता है, लेकिन मानसून में इसकी सुंदरता दोगुनी हो जाती है |

  • यहाँ पाँच धाराएँ एक साथ बहती हैं, जो इस जलप्रपात को खास बनाती हैं |
  • पानी कम ऊँचाई से गिरता है, जिससे यहाँ नहाना अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। आज तक यहाँ डूबने की कोई घटना नहीं हुई है |
  • पंचघाघ फॉल्स घने जंगल और बड़े मैदान के बीच स्थित है, जिससे यह पिकनिक और परिवार के साथ घूमने के लिए आदर्श जगह है
  • एक लोकप्रिय कहानी के अनुसार, एक गाँव की पाँच बहनों ने एक ही व्यक्ति से प्रेम के कारण आत्महत्या कर ली थी, और जहाँ-जहाँ उन्होंने जान दी, वहीं से पाँच धाराएँ बहने लगीं |
  • यहाँ का वातावरण शांत, हरा-भरा और प्राकृतिक है, जिसे ‘नेचुरल वाटरपार्क’ भी कहा जाता है |
  •  मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन द्वारा पर्यटकों के लिए फॉल्स को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है|
  • क्या करें: स्नान, फोटो, शांत वातावरण
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: हटिया (45 किमी)
  • बजट: टैक्सी ₹1500, खाना ₹250

8. रांची हिल्स व शिव मंदिर

Ranchi paryatan sthal: रांची शहर के केंद्र में स्थित, यहाँ से पूरे शहर का दृश्य दिखता है। ऊपर एक शिव मंदिर भी है। रांची के पहाड़ी मंदिर (Pahari Mandir) को ‘पहाड़ी बाबा’ भी कहा जाता है। मंदिर समुद्र तल से 2140 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, और इसके शिखर तक पहुंचने के लिए 468 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।

पहाड़ी मंदिर का इतिहास 1840 ई. में शुरू हुआ, जब यहाँ नाग देवता की पूजा की जाती थी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, यह स्थल ब्रिटिश शासन के तहत ‘फांसी की टांगरी’ के रूप में प्रसिद्ध था, जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों को फाँसी दी जाती थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, यह मंदिर देश का पहला ऐसा मंदिर बना जहाँ  15 अगस्त व 26 जनवरी को तिरंगा ध्वज फहराया जाता है।

इस मंदिर में सावन में और महाशिवरात्रि में श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है | यह प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिकता और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम है , इसे रांची का सबसे खास शिवालय बनाता है।

चिरौंदी पहाड़ियों का शिव मंदिर

चिरौंदी क्षेत्र की पहाड़ियों पर स्थित यह नया शिव मंदिर प्राकृतिक शांति और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ शिवजी के साथ अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा होती है, और पर्यटक यहां आकर सुकून के पल बिता सकते हैं। यह जगह अभी विकसित हो रही है, इसलिए भीड़ कम है और वातावरण अत्यंत शांतिपूर्ण है।

मरासिल्ली पहाड़ महादेव मंदिर

रांची शहर से लगभग 17 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर शिवभक्तों के लिए मनोकामना पूर्ति का केंद्र माना जाता है। यहां की मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मन्नत जल्दी पूरी होती है। पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां का वातावरण भी अत्यंत रमणीय है, और सावन व महाशिवरात्रि में विशेष भीड़ रहती है।

चुटिया शिव मंदिर, रांची

चुटिया क्षेत्र में स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहाँ का विशाल आंगन ध्यान, योग और साधना के लिए उपयुक्त माना जाता है, और महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। यह मंदिर सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक मेलजोल का भी केंद्र है।

  • क्या करें: फोटोज, मंदिर दर्शन, सनसेट व्यू
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: रांची (3 किमी)
  • बजट: ऑटो ₹50, प्रसाद ₹50

9. टैगोर हिल (Ranchi paryatan sthal)

टैगोर हिल झारखंड राज्य की राजधानी रांची में स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह जगह खास तौर पर रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ी हुई है, और इसी वजह से इसे टैगोर हिल कहा जाता है। रवींद्रनाथ टैगोर ने कुछ समय यहाँ बिताया था। यह हिल साहित्य प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए खास है।

टैगोर हिल, रांची झारखंड की राजधानी रांची में स्थित एक प्रसिद्ध पहाड़ी है, जो समुद्र तल से लगभग 300 फीट ऊंची है। यह पहाड़ी शहर के मोराबादी इलाके में, अल्बर्ट एक्का चौक से लगभग 3-4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |

टैगोर हिल का नाम महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर और उनके बड़े भाई ज्योतिंद्रनाथ टैगोर के नाम पर पड़ा है। यह स्थान पहले ज्योतिंद्रनाथ टैगोर का विश्राम स्थल और आश्रम था, जिसे उन्होंने 1908 में स्थानीय जमींदार से खरीदा था। यहां पर उन्होंने ब्रह्मा मंदिर का निर्माण कराया, जिसकी नींव 1910 में रखी गई थी। रवींद्रनाथ टैगोर ने भी इस पहाड़ी पर कई कविताएं लिखीं और यहां काफी समय एकांत में बिताया |

टैगोर हिल रांची का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां से रांची शहर का मनोरम दृश्य, सूर्योदय और सूर्यास्त का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है। यह जगह ट्रेकिंग के लिए भी लोकप्रिय है, जहां 1-2 किलोमीटर की ट्रेकिंग कर सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचा जा सकता है। मानसून में इसकी खूबसूरती चरम पर होती है। इसके अलावा, यहां रामकृष्ण मिशन आश्रम और दिव्य ज्ञान केंद्र भी स्थित हैं |

  • मोराबादी क्षेत्र के पास स्थित है |
  • समुद्र तल से लगभग 200 फीट ऊँचाई पर स्थित है |
  • कहा जाता है कि उन्होंने यहीं कुछ कविताएँ और रचनाएँ लिखीं।
  • क्या करें: ट्रेकिंग, मेडिटेशन
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: हटिया (10 किमी)
  • बजट: ऑटो ₹100, एंट्री फ्री

10. जोन्हा फॉल्स (गौतमा धारा)

Ranchi paryatan sthal: झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 40-45 किलोमीटर दूर स्थित जोन्हा जलप्रपात, जिसे स्थानीय रूप से गौतमधारा भी कहा जाता है, एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। जोन्हा फॉल झारखण्ड के उतरी -पूर्व दिशा में स्थित है , यह प्रपात रांची-पुरुलिया राजमार्ग पर स्थित है और रारू नदी से निकलता है, जो गंगा नदी की सहायक नदी है।

जोन्हा जलप्रपात लगभग 43 मीटर (141 फीट) की ऊँचाई से गिरता है। इसका नाम स्थानीय गांव जोन्हा के नाम पर रखा गया है। साथ ही, इसे गौतमधारा भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ एक प्राचीन गौतम बुद्ध का मंदिर स्थित है।

 इस धारा को  राधू नदी के नाम से जाना जाता है | नीचे का खूबसूरत दृश्य देखने के लिए आपको 722 सीढ़ियों से उतर कर नीचे जाना पड़ता है | नीचे से दिखने वाला नजारा कभी भूला नहीं जा सकता ये बहुत ही मनमोहक होता है |

जोन्हा फॉल को गौतम धारा के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि गौतम बुद्ध ने यहां स्नान किया था। गौतमधारा के एक छोर पर, एक मंदिर और एक आश्रम है जो बुद्ध को समर्पित है, जिसे राजा बलदेवदास बिड़ला के बेटों द्वारा बनाया गया था।

हर मंगलवार और बृहस्पति वार को यहाँ पे मेला लगता है | जिसे पर्यटक बहुत पसंद करते हैं | आश्रम के संकेतों को देखकर, यह आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि यह मूल रूप से हिंदू धर्म के साथ-साथ आर्य धर्म, बौद्ध, जैन, सिख, सनातन, और आर्यसमाज की सभी शाखाओं के लिए बनाया गया था।

  • क्या करें: स्नान, ट्रेकिंग, ध्यान
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: जोन्हा स्टेशन (~3 किमी)
  • बजट: लोकल ट्रेन ₹10, खाना ₹200

रांची में क्या क्या कर सकते हैं?

घूमने लायक प्रमुख जगहें

Dassam Falls, Jagannath Temple, Rock Garden, Patratu Valley, Hundru Falls/Jonha Falls/Panch Gagh Falls, Pahari Mandir, Tagore Hill, Birsa Zoological Park, Tribal Museum, Ranchi Lake और Nakshatra Van, Deori Mandir/शनि मंदिर/Deer Reserve Park.

अन्य गतिविधियाँ

एडवेंचर के लिए ट्रेकिंग और बाइकिंग, बोटिंग, वॉटर पार्क जैसी गतिविधियाँ उपलब्ध हैं, रांची में नाइटलाइफ़ के लिए स्काय लिट, स्काईस्केप क्लब और मूनटाउन लाउंज जैसे स्थानों पर लाइव म्यूज़िक व पार्टी का आनंद लिया जा सकता है|

रांची कैसे पहुँचे?

  • फ्लाइट: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (IXR) – दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से नियमित फ्लाइट्स।
  • बजट: ₹2500 से ₹6000 (सीजन के अनुसार)
  • रेलवे: रांची जंक्शन, हटिया, नामकुम – भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
  • बस: झारखंड स्टेट ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट बसें बिहार, बंगाल, ओडिशा से चलती हैं।

रांची के बजट रेस्टोरेंट्स

रेस्टोरेंट का नामस्थानबजट (₹)विशेषता
Kaveri RestaurantMain Road₹250–₹500साउथ इंडियन थाली
Capitol Residency CafeStation Road₹300–₹600कॉन्टिनेंटल, इंडियन
AngithiCircular Road₹200–₹400पंजाबी, BBQ
Moti Mahal DeluxLalpur₹300–₹700मुग़लई, तंदूरी
The Urban BravaMorabadi₹150–₹300फ़ास्ट फूड, सस्ता

अनुमानित कुल बजट (2 दिन/1 रात के लिए – प्रति व्यक्ति)

खर्चाऔसतन (₹)
ट्रांसपोर्ट₹800–₹2000
होटल/लॉज₹1000–₹2500
खाना₹500–₹1000
एंट्री/टूरिस्ट साइट्स₹200–₹500
कुल₹2500 – ₹6000

निष्कर्ष:

रांची एक ऐसा शहर है जहाँ प्रकृति, संस्कृति और इतिहास का सुंदर संगम देखने को मिलता है। ये 10 जगहें न केवल घूमने के लिए शानदार हैं बल्कि आपको मानसिक शांति और रोमांच का भी अनुभव देंगी। तो अगली बार जब कहीं घूमने का प्लान बनाएं, तो रांची ज़रूर शामिल करें!

FAQ

रांची के किन जलप्रपातों की सुंदरता आपको हैरान कर देगी?

Ans. रांची के जलप्रपातों की सुंदरता जो आपको हैरान कर देगी
रांची को “झरनों का शहर” कहा जाता है, और यहां के जलप्रपातों की प्राकृतिक सुंदरता हर किसी को चौंका देती है। यहां कुछ प्रमुख जलप्रपात हैं, जिनकी खूबसूरती देखने लायक है:
1. हुंडरू फॉल्स
यह रांची का सबसे ऊँचा और लोकप्रिय जलप्रपात है, जो सुवर्णरेखा नदी पर 320 फीट की ऊँचाई से गिरता है। इसकी विशालता और गिरते पानी की आवाज़ आपको मंत्रमुग्ध कर देगी|
2. दशम फॉल्स
तैमारा गांव के पास स्थित यह झरना कांची नदी पर है और 144 फीट की ऊँचाई से गिरता है। यहां एक साथ 10 धाराएं गिरती हैं, जो इसे बेहद खास और रोमांचक बनाती है |
3. जोन्हा फॉल्स (गौतमधारा)
यह झरना 140 फीट की ऊँचाई से गिरता है और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां भगवान बुद्ध से जुड़ी मान्यताएं भी हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व भी है |
4. पंच घाघ फॉल्स
यह झरना पांच अलग-अलग धाराओं में बंटा हुआ है, जो इसे अनोखा और बेहद आकर्षक बनाता है। यहां की हरियाली और प्राकृतिक दृश्य बेहद मनमोहक हैं |
5. हिरनी फॉल्स
रांची से करीब 70-72 किमी दूर स्थित यह झरना जंगलों के बीच है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांति आपको सुकून देती है और यह पिकनिक के लिए भी आदर्श स्थान है |
6. सीता फॉल्स
यह झरना 144 फीट की ऊँचाई से गिरता है और इसके पास सीता माता का मंदिर है। धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से यह जगह खास है |
7. केकड़ा वॉटरफॉल
यह घने जंगलों के बीच स्थित है और इसकी खूबसूरती देखने लायक है, हालांकि यहां अकेले जाना सुरक्षित नहीं माना जाता |

इन झरनों की ऊँचाई, हरियाली, और गिरते पानी का नजारा हर पर्यटक को हैरान कर देता है। रांची के ये जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं |

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