Mumbai me ghumne ki jagah places to visit: मुंबई में घूमने की जगह: 20 शानदार places to visit जो आपको जरूर देखनी चाहिए

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मुंबई, भारत की वाणिज्यिक और सांस्कृतिक राजधानी है। यहां कुछ बेहतरीन “Mumbai me ghumne ki jagah places to visit “ हैं, जो आपकी यात्रा को अविस्मरणीय बना देंगी।

मुंबई के बारे में पूरी जानकारी – तालिका में

विषयजानकारी
शहर का नाममुंबई (Mumbai)
पुराना नामबॉम्बे (Bombay)
राज्यमहाराष्ट्र
स्थितिपश्चिमी भारत, अरब सागर के किनारे
स्थानीय भाषामराठी (मुख्य), हिंदी, अंग्रेज़ी
जनसंख्यालगभग 2 करोड़ (2021 अनुमान)
प्रमुख पहचानभारत की आर्थिक राजधानी, बॉलीवुड नगरी
प्रशासनिक विभाजनमुंबई शहर (City) और मुंबई उपनगरी (Suburban)
मुख्य उद्योगफिल्म उद्योग (Bollywood), वित्त, व्यापार, टेक्नोलॉजी
प्रमुख रेलवे स्टेशनCST (C. Shivaji Maharaj Terminus), Dadar, Bandra, Andheri
मुख्य हवाई अड्डाछत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (CSMIA)
समुद्र तट (Beaches)जुहू, गिरगांव चौपाटी, अक्सा, वर्सोवा
प्रमुख मंदिर / धार्मिक स्थलसिद्धिविनायक, हाजी अली दरगाह, माउंट मैरी चर्च
प्रमुख दर्शनीय स्थलगेटवे ऑफ इंडिया, मरीन ड्राइव, सी लिंक, एलीफेंटा केव्स
प्रसिद्ध बाजारकोलाबा कॉजवे, क्रॉफर्ड मार्केट, लिंकिंग रोड
प्रसिद्ध पार्क व गार्डनसंजय गांधी नेशनल पार्क, हैंगिंग गार्डन, कामला नेहरू पार्क
जलवायु (Climate)उष्णकटिबंधीय (गर्म और आर्द्र), जून-सितंबर में मानसून
परिवहन के साधनलोकल ट्रेन, BEST बस, ऑटो, टैक्सी, मेट्रो
फिल्म इंडस्ट्रीबॉलीवुड (दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री में से एक)
यात्रा का अच्छा समयनवम्बर से फरवरी (ठंडी और सुखद जलवायु)
खास व्यंजनवड़ा पाव, पाव भाजी, भेल पुरी, बाम्बे सैंडविच
सुरक्षा स्तरमहिलाओं के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित, लेकिन भीड़भाड़ से सावधानी जरूरी

मुंबई यात्रा का अनुमानित बजट (2–3 दिन के लिए)

श्रेणीबजट (प्रति व्यक्ति)टिप्पणी
यात्रा (ट्रेन/फ्लाइट)₹500 – ₹3000 (ट्रेन), ₹2000 – ₹7000 (फ्लाइट)स्थान और बुकिंग समय पर निर्भर करता है
रहने का खर्च₹500 – ₹3000/रात (बजट होटल)
₹4000 – ₹10,000/रात (3–4 स्टार)
होस्टल, OYO से लेकर फाइव स्टार तक विकल्प उपलब्ध
खाना₹200 – ₹500/दिन (लोकल फूड)
₹800 – ₹2000/दिन (मध्यम रेंज रेस्टोरेंट)
स्ट्रीट फूड सस्ता और स्वादिष्ट
लोकल ट्रांसपोर्ट₹100 – ₹300/दिन (लोकल ट्रेन + ऑटो)BEST बस, लोकल ट्रेन, मेट्रो, ऑटो उपलब्ध
घूमने का खर्च (टिकट)₹50 – ₹300/जगह (कुछ जगहें फ्री)संग्रहालय, एलीफेंटा केव्स आदि में टिकट फीस लगती है
कुल अनुमानित बजट₹2500 – ₹8000 (बजट ट्रिप)
₹10,000 – ₹20,000 (कंफ़र्ट ट्रिप)
2-3 दिन के लिए

मुंबई के रेस्टोरेंट – बजट के अनुसार

बजट रेंजरेस्टोरेंट का नामस्थानप्रमुख फूड आइटम्सऔसत कीमत/व्यक्ति
बजट (₹100-300)1. आनंद वड़ा पाव
2. शिव सागर
3. माणिकचंद बस्ती फूड स्टॉल्स
विले पार्ले, चौपाटीवड़ा पाव, पाव भाजी, डोसा₹100 – ₹300
मध्यम (₹300-800)1. जय हिन्द लंच होम
2. गोपाल भोग
3. सागर गडान
चर्चगेट, दादर, बांद्राथाली, बिरयानी, पंजाबी फूड₹400 – ₹800
उच्च (₹800-2000)1. ट्राइसेल्स (Trésind)
2. सोफिटेल
3. इंडिगो डेली
बीकेसी, कोलाबा, लोअर परेलफाइन डाइनिंग, कॉन्टिनेंटल, मॉडर्न इंडियन₹1000 – ₹2000
लक्जरी (₹2000+ )1. वसाबी (Taj Hotel)
2. मसल्स ऑफ मुंबई
3. Yauatcha
कोलाबा, BKC, फोर्टसुशी, इटालियन, शेफ-टेस्टींग मेन्यू₹2500+

यह शहर अपने ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों, समुद्र तटों, आकर्षक शॉपिंग स्थानों और जीवन के रंग-बिरंगे अनुभवों के लिए प्रसिद्ध है। मुंबई में घूमने के लिए कई बेहतरीन जगहें हैं। इस लेख में हम 20 प्रमुख स्थानों के बारे में जानेंगे, साथ ही उनके शुल्क, घूमने का समय, और खाने के विकल्प भी बताएंगे।1

1. गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway of India) (mumbai me ghumne ki jagah places to visit)

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई का सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक स्थल है। यह स्मारक समुद्र के किनारे स्थित है और यहाँ से आप समुद्र का शानदार दृश्य देख सकते हैं। यह स्थल भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों का गवाह रहा है|

  • गेटवे ऑफ़़ इंडिया का प्रवेशद्वार असिताश्म का बना हुआ स्थापत्य है, जिसकी ऊंचाई 26 मीटर है।
  • गेटवे ऑफ़़ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विटेट ने तैयार की थी।
  • इसका निर्माण किंग जार्ज और क्वीन मैरी ने 1911 में करवाया था।
  • इस प्रवेशद्वार के पास ही पर्यटकों के समुद्र भ्रमण हेतु नौका-सेवा भी उपल्ब्ध है।
  • मुंबई के कोलाबा में स्थित गेटवे ऑफ़ इंडिया वास्तुशिल्प का चमत्कार है और इसकी ऊँचाई लगभग आठ मंजिल के बराबर है।
  • वास्तुकला के हिंदू और मुस्लिम दोनों प्रकारों को ध्यान में रखते हुए इसका निर्माण सन 1911 में राजा की यात्रा के स्मरण निमित्त किया गया।
  • गेटवे ऑफ इंडिया पीले बेसाल्ट और कंक्रीट से बनाया गया था। 1915 और 1919 के बीच अपोलो बुंदर (पोर्ट) पर काम शुरू हुआ जहां पर गेटवे ऑफ इंडिया और नए समुद्री दीवार का निर्माण किया गया। गेटवे ऑफ इंडिया की नींव का काम 1920 में पूरा किया गया था और निर्माण 1924 में समाप्त हो गया था। गेटवे ऑफ इंडिया 4 दिसंबर, 1924 को वायसराय द्वारा खोला गया।
  • गेटवे ऑफ़ इंडिया का गुम्‍बद निर्मित करने में 21 लाख रु. का खर्च आया था।
  • गेटवे ऑफ़ इंडिया ख़रीददारों के स्वर्ग कॉज़वे और दक्षिण मुंबई के कुछ प्रसिद्द रेस्टारेंट जैसे बड़े मियाँ, कैफ़े मोंदेगर और प्रसिद्द कैफ़े लियोपोल्ड के निकट है।
  • गेटवे ऑफ़ इंडिया विशाल अरब सागर की ओर बनाया गया है, जो मुम्‍बई शहर के एक अन्‍य आकर्षण मरीन ड्राइव से जुड़ा है, यह एक सड़क है जो समुद्र के समानांतर चलती है।
  • गेटवे ऑफ़ इंडिया एक महान ऐतिहासिक स्‍मारक है, जिसे देश में ब्रिटिश राज के दौरान निर्मित कराया गया था।
  • गेटवे ऑफ़ इंडिया का निर्माण अपोलो बंडार पर कराया गया था जो मेल जोल का एक लोकप्रिय स्‍थान है।
  • गेटवे के चार बुर्ज है और इसको जटिल जाली के साथ बनाया गया था। छत्रपति शिवाजी और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाए गेटवे पर बाद में स्थापित की गयी थी।
  • यह स्मारक पीले बेसाल्ट और प्रबलित कंक्रीट से बनाया गया है। स्मारक में लगे पत्थर स्थानीय है जबकि छिद्रित स्क्रीन को ग्वालियर से लाया गया था।  प्रवेश द्वार अपोलो बन्दर की नोक से मुम्बई हार्बर की ओर जाता है। केंद्रीय गुंबद का व्यास 48 फीट और इसका उच्चतम बिंदु जमीन से 83 फीट ऊपर है। मेहराब के प्रत्येक तरफ 600 लोगों की क्षमता वाले बड़े हॉल बने हैं।
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
  • खाने के विकल्प: पास में कई स्ट्रीट फूड वेंडर और कैफे उपलब्ध हैं। चाय, समोसा, भेलपुरी प्रसिद्ध हैं।

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2. मरीन ड्राइव (Marine Drive)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

यह एक लंबी समुद्री सड़क है, जिसे “क्वीन’s नेकलेस” भी कहा जाता है। यहाँ आकर आप समुद्र के किनारे चल सकते हैं और मुंबई की ताजगी का अनुभव कर सकते हैं।

मरीन ड्राइव मुंबई का एक प्रमुख आकर्षण है। यह समुद्र के किनारे एक लंबी सैरगाह है, जहां आप शानदार सूर्योदय और सूर्यास्त का अनुभव कर सकते हैं।

मरीन ड्राइव मुंबई का एक प्रतिष्ठित और बेहद लोकप्रिय समुद्री तट है, जिसे “क्वीन्स नेकलेस” (Queen’s Necklace) के नाम से भी जाना जाता है। यह नाम इसे इसके घुमावदार आकार और रात के समय जगमगाती स्ट्रीट लाइट्स के कारण मिला है, जो दूर से देखने पर किसी रानी के हार की तरह दिखती हैं |

  • मरीन ड्राइव दक्षिण मुंबई में स्थित है और यह 3.6 किलोमीटर लंबा तटीय मार्ग है, जो नरीमन पॉइंट से गिरगांव चौपाटी तक फैला हुआ है |
  • यह सड़क अरब सागर के किनारे-किनारे बनी है और अंग्रेजी अक्षर “C” के आकार में घुमावदार है |
  • सड़क के दोनों ओर आर्ट डेको शैली की ऐतिहासिक इमारतें हैं, जिन्हें यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा भी मिला है |
  • मरीन ड्राइव का निर्माण 1920 के दशक में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था, और यह मुंबई की तटीय योजना का हिस्सा था |
  • इसका आधिकारिक नाम ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस रोड’ है, लेकिन आमतौर पर इसे मरीन ड्राइव के नाम से ही जाना जाता है |
  • इसका निर्माण पालोनजी मिस्त्री द्वारा किया गया था |
  • मरीन ड्राइव पर सुबह-शाम की सैर, समुद्र की ठंडी हवा, और सड़क किनारे बैठकर लहरों को देखना यहाँ के मुख्य आकर्षण हैं |
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: दिन और रात दोनों समय सुंदर है
  • खाने के विकल्प: आसपास के कैफे में स्नैक्स और ड्रिंक्स मिलते हैं। खासकर “समोसा” और “पानीपुरी”।

3. छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus)

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : यह रेलवे स्टेशन अपनी शानदार विक्टोरियन गॉथिक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है और इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामांकित किया गया है।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), जिसे पहले विक्टोरिया टर्मिनस (VT) कहा जाता था, मुंबई का एक ऐतिहासिक और प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यह भारत के सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध स्टेशनों में से एक है, और मध्य रेलवे का मुख्यालय भी है |

  • इस स्टेशन का निर्माण 1878 से 1887 के बीच हुआ था। इसकी वास्तुशिल्प योजना फ्रेडरिक विलियम स्टीवन्स ने बनाई थी |
  • इसका नाम पहले ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस रखा गया था। 1996 में इसका नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रखा गया |
  • 2004 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया |
  • यह स्टेशन भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है जो हर दिन लगभग 300,000 यात्रियों की सेवा करता है।
  • ऐतिहासिक इमारत ताज महल के बाद यह स्टेशन भारत का दूसरा सबसे अधिक फोटो खींचा जाने वाला स्मारक है।
  • यह 18 प्लेटफार्मों के साथ 10 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
  • यह स्टेशन मुंबई शहर का एक महत्वपूर्ण लैंडमार्क होने के साथ साथ शहर के समृद्ध इतिहास और संस्कृति का प्रतीक भी माना जाता है।
  • यह स्टेशन भारतीय और यूरोपीय वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण है।
  • वर्तमान में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस डिजिटल और हाई-टेक स्टेशन बन चुका है, जिसके तहत स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड, और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
  • छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर पर्यटकों के लिए गाइडेड टूर की सुविधा भी उपलब्ध है।
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: 24 घंटे खुला रहता है
  • खाने के विकल्प: आसपास के रेस्तरां में भारतीय और वेस्टर्न फूड मिलता है।

4. एलीफांटा गुफाएं (Elephanta Caves)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

एलीफांटा गुफाएं एक ऐतिहासिक स्थल हैं, जो हिंदू और बौद्ध धर्म से जुड़ी हैं। यहां की गुफाओं में प्राचीन मंदिरों और मूर्तियों का दृश्य देखने को मिलता है।

  • मुम्‍बई में गेटवे ऑफ इंडिया से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित यह एलिफेंटा की गुफाएं 7 गुफ़ाओं का सम्मिश्रण हैं, जिनमें से महेश मूर्ति गुफ़ा प्रमुख गुफा  है।
  • एलीफेंटा की कुल सात गुफाओं में 5 गुफा हिन्दू और अन्य 2 गुफाएं बौद्ध धर्म से संबंधित हैं। महेश मूर्ति गुफा, हिन्दू गुफाओं में सबसे प्रमुख गुफा है, जिसमें बने 26 खंभों में भगवान शंकर के अलग-अलग रुपों को बेहद शानदार ढंग से उकेरा गया है।
  • एलीफेंटा गुफा की सबसे रोचक बात यह है कि यहां हिंदू धर्म के कई अलग-अलग देवी-देवताओं कि मूर्तियां स्थापित की गई हैं।
  • 60,000 वर्ग फीट के क्षेत्र में फैली एलीफेंटा गुफा में स्थित मंदिर पहाड़ियों को काटकर बनाए गए हैं।
  • ऐलीफेंटा गुफा में भगवान शिव की त्रिमूर्ति प्रतिमा सबसे विशाल और पर्यटकों के मुख्य आर्कषण का केन्द्र है। इस मूर्ति में भगवान शिव के तीन रुपों का बेहद उत्कृष्ट तरीके से चित्रण किया गया है। यह विशाल त्रिमूर्ति करीब  23 या 24 फीट लम्बी और 17 फीट ऊँची है।
  • एलीफेंटा गुफा के मुख्‍य हिस्‍से में पोर्टिकों के अलावा तीन तरफ से खुले सिरे हैं और इसके पिछली ओर 27 मीटर का चौकोर स्‍थान है और इसे 6 खम्‍भों के द्वारा सहारा दिया जाता है।
  • इस गुफा में भगवान शिव की अर्धनारीश्वर प्रतिमा भी स्थापित हैं, इस प्रतिमा में बायां अंग स्त्री और दायां अंग पुरुष रुप में दर्शाया गया है।
  • एलीफेंटा गुफा में भगवान् शिव के विभिन्न स्वरूपों के कारण इन्हें ‘टैम्‍पल केव्‍स’ भी कहा जाता हैं। यहां पर शिव-पार्वती के विवाह समेत रावण द्वारा कैलाश पर्वत को ले जाने एवं शिव के नटराज रुप का बेहद आर्कषक चित्रण किया गया है।
  • अपनी अद्भुत शिल्पकारी एवं ऐतिहासिक महत्व की वजह से साल 1987 में यूनेस्को द्वारा एलिफेंटा गुफाओं को विश्व विरासत स्थल घोषित किया था। वहीं इस गुफा में गेटवे ऑफ इंडिया से बोट द्वारा भी पहुंचा जा सकता है।
  • वर्तमान में एलीफेंटा गुफा की देखरेख भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
  • शुल्क: ₹100-₹200
  • समय: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक
  • खाने के विकल्प: गुफाओं के पास छोटे रेस्तरां में समुद्री भोजन और स्थानीय स्नैक्स मिलते हैं।

5. कोलाबा कॉज़वे (Colaba Causeway)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

Colaba Causeway

यह मुंबई का प्रमुख शॉपिंग और टूरिस्ट स्थल है। यहां पर आप विभिन्न प्रकार के बाजार और खरीददारी कर सकते है , यहाँ पर आप कपड़े, ज्वेलरी, कला, हस्तशिल्प और अन्य सामान की खरीददारी कर सकते हैं।

कोलाबा कॉज़वे (आधिकारिक नाम: शहीद भगत सिंह रोड) दक्षिण मुंबई का एक ऐतिहासिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्र है | यह सड़क कोलाबा और ओल्ड वूमन आइलैंड को मुंबई के मुख्य हिस्से से जोड़ती है और 1838 में ब्रिटिश शासन के दौरान बनाई गई थी |

  • कोलाबा कॉज़वे मुंबई का सबसे लोकप्रिय बाजारों में से एक है, जिसे शॉपिंग के लिए स्वर्ग माना जाता है |
  • यहाँ आपको फैशन कपड़े, गहने, जूते, हस्तशिल्प, प्राचीन वस्तुएँ, किताबें, और स्मारिका सामान जैसी ढेरों चीज़ें मिलती हैं |
  • यहाँ पर मोलभाव करना आम बात है, जिससे खरीदारी का अनुभव और भी रोचक हो जाता है |
  • कोलाबा कॉज़वे का वातावरण हमेशा जीवंत और भीड़भाड़ वाला रहता है, जिससे मुंबई की असली विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव होता है |
  • यहाँ 1947 में स्वतंत्रता का पहला जुलूस निकला था |
  • 2008 के मुंबई हमले में ताज होटल यहीं स्थित है |
  • यहाँ की 80% दुकानें 50+ साल पुरानी हैं |
  • बॉलीवुड की 100+ फिल्मों की शूटिंग यहाँ हुई |
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: दिन के समय सबसे अच्छा है
  • खाने के विकल्प: यहां के कैफे और रेस्तरां में भारतीय, चाइनीज, और कॉन्टिनेंटल फूड मिलता है।

6. जूहू बीच (Juhu Beach)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : यहां आकर आप समुद्र के किनारे बैठ सकते हैं और शांति का अनुभव कर सकते हैं। यह एक लोकप्रिय स्थान है जहां लोग सूर्यास्त का आनंद लेने के लिए आते हैं।

यह समुद्र तट मुंबई का एक प्रमुख आकर्षण है। यहाँ घूमने और समुद्र के लहरों का आनंद लेने के लिए लोग बड़ी संख्या में आते हैं।

जुहू बीच मुंबई का सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय समुद्र तट है, जो शहर के पश्चिमी उपनगर जुहू इलाके में स्थित है। यह समुद्र तट अपने सुंदर प्राकृतिक दृश्यों, स्वच्छ रेत, और मुंबई के खास स्ट्रीट फूड के लिए जाना जाता है। यहाँ स्थानीय लोग और पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं, खासकर शाम के समय और वीकेंड पर |

  • जुहू बीच की लहरें और सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है। शाम के समय जब सूरज डूबता है, तो आसमान रंग-बिरंगे रंगों से भर जाता है, जो हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है |
  • यहाँ पाव भाजी, भेल पुरी, पानी पुरी, वड़ा पाव आदि जैसे मुंबई के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड का स्वाद लेना हर किसी के लिए खास अनुभव है |
  • जुहू बीच पर घुड़सवारी, ऊँट की सवारी, पतंग उड़ाना, रेत के किले बनाना, योग और ध्यान जैसी कई गतिविधियाँ की जा सकती हैं। यहाँ बच्चों के लिए भी खेलने के भरपूर अवसर हैं |
  • यह स्थान बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं की भी पसंदीदा जगह है और कई फिल्मों की शूटिंग यहाँ होती रही है |
  • गणेश चतुर्थी के दौरान, जुहू बीच पर गणपति विसर्जन का आयोजन होता है, जिसमें हजारों लोग भाग लेते हैं |
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक
  • खाने के विकल्प: यहां पर समोसा, पाव भाजी, भेलपुरी और वड़ा पाव जैसे स्ट्रीट फूड प्रसिद्ध हैं।

7. संजय गांधी नेशनल पार्क (Sanjay Gandhi National Park)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

संजय गांधी नेशनल पार्क (Sanjay Gandhi National Park) मुंबई के उत्तरी हिस्से में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है। इसे अक्सर मुंबई के “फेफड़े” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह शहर के वायू प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पार्क 104 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और यहां प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता की भरमार है।

  • यह पार्क लगभग 104 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला है और इसे दुनिया के सबसे बड़े शहरी जंगलों में गिना जाता है
  • इसकी स्थापना 1969 में हुई थी और 1996 में इसका नाम बदलकर संजय गांधी नेशनल पार्क रखा गया |
  • पार्क में 1,000 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ, 270 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ, 40 से अधिक स्तनधारी, 38 सरीसृप, 10 उभयचर और 150 से अधिक तितलियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं |
  • यहाँ तेंदुआ, चित्तीदार हिरण, सांभर, लंगूर, साही, सिवेट, घड़ियाल, पाइथन, कोबरा, रसेल वाइपर जैसी कई प्रजातियाँ देखी जा सकती हैं
  • मानसून में यहाँ झरने, जलधाराएँ और घना जंगल देखने को मिलता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान है |
  • शुल्क: ₹50-₹100
  • समय: सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक
  • खाने के विकल्प: पार्क के भीतर कुछ खाने के स्टॉल और कैफे हैं, जो हल्के नाश्ते और सैंडविच पेश करते हैं।

1. प्रमुख आकर्षण: (Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

कनहेरी गुफाएँ: इस पार्क का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण कनहेरी गुफाएँ हैं, जो 200 ईसा पूर्व से 600 ईस्वी तक के समय की बौद्ध गुफाएँ हैं। इन गुफाओं में बौद्ध धर्म से संबंधित कई सुंदर शिल्प, चित्रकला और उत्कीर्णन देखे जा सकते हैं।

वन्यजीव और जैव विविधता: संजय गांधी नेशनल पार्क में 1,000 से अधिक पौधों की प्रजातियाँ और कई प्रकार के वन्यजीव पाए जाते हैं, जैसे तेंदुआ, हिरण, बंदर, और विभिन्न पक्षी। यह पार्क विशेष रूप से तेंदुआ और अन्य वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पक्षियों की 270 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

यह एक विशाल नेशनल पार्क है जहाँ आप ट्रैकिंग, बाइकिंग, और जंगली जानवरों को देख सकते हैं।

8. हाजी अली दरगाह (Haji Ali Dargah)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

हाजी अली दरगाह (Haji Ali Dargah), मुंबई का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो समुद्र के बीच स्थित एक छोटे से द्वीप पर स्थित है। यह दरगाह मुस्लिम समुदाय के एक प्रमुख संत, हाजी अली की समाधि है। हाजी अली दरगाह न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि मुंबई के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हाजी अली दरगाह के बारे में:

इतिहास: हाजी अली दरगाह का इतिहास 15वीं सदी से जुड़ा हुआ है। हाजी अली की समाधि उस स्थल पर स्थित है, जहां वे एक संत के रूप में प्रसिद्ध हुए। कहा जाता है कि हाजी अली, जिन्होंने मक्का मदीना की यात्रा की थी, समुद्र में डूबने के बाद भी उनके शरीर को समुद्र द्वारा इस स्थान पर ले आया था, और यह स्थल तब से एक पवित्र स्थान बन गया।

स्थान और पहुंच: हाजी अली दरगाह मुंबई के दक्षिणी किनारे पर, वर्ली समुद्र तट के पास स्थित है। यह दरगाह समुद्र के भीतर एक छोटे द्वीप पर स्थित है, और मुख्य स्थल तक पहुँचने के लिए एक लंबा, संकीर्ण पुल पार करना पड़ता है।

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : यह एक प्रसिद्ध मुस्लिम धार्मिक स्थल है जो समुद्र के बीच स्थित है। यहाँ का माहौल शांतिपूर्ण और धार्मिक है।

  • हाजी अली दरगाह एक मकबरा और मस्जिद है, जो मुस्लिम सूफी संत पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में बनाई गई है। यह 1431 में बनाया गया था।
  • दरगाह मुम्बई के वरली इलाके के पास अरब सागर में एक छोटे से टापू पर स्थित है, और यह समुद्र के बीचों-बीच एक रास्ते से जुड़ा है जो कभी-कभी ज्वार के दौरान पानी में डूब जाता है।
  • दरगाह हिंदूस्तानी-इस्लामी वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है, जिसकी सफेद गुंबद और मीनारें मुगल आर्किटेक्चर की याद दिलाती हैं।
  • 1949 के एक जोरदार तूफान में दरगाह और उसका रास्ता पूरी तरह सुरक्षित रहा और कोई नुकसान नहीं हुआ। इस घटना को चमत्कार के रूप में देखा जाता है क्योंकि अन्य सभी इमारतें तबाह हो गई थीं।
  • 26 जुलाई 2005 को मुंबई में भारी बारिश और बाढ़ के दौरान भी हाजी अली दरगाह प्रभावित नहीं हुआ, जबकि पूरे शहर में तबाही हुई थी।
  • दरगाह के रास्ते पर दोनों ओर समुद्र की लहरें जोर से टैपती हैं और ज्वार के समय यह रास्ता पूरी तरह समुद्र में डूब जाता है, जिससे यहां पहुंचना एक रोमांचक अनुभव होता है |
  • हर हफ्ते करीब 8,000 से 15,000 लोग दरगाह में दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें गैर-मुस्लिम भी शामिल हैं, और विशेष रूप से गुरुवार, शुक्रवार और रविवार को यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
  • दरगाह का मकबरा लाल और हरे रंग की सुंदर चादर से ढका होता है, और इसके चारों ओर चांदी के डंडे लगे होते हैं, जो इसे और भी आकर्षक बनाते हैं।
  • हर साल दरगाह की सफाई रोस वॉटर (गुलाबी जल) से की जाती है, जो स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों को दिया जाता है।
  • हाजी अली दरगाह एक ऐसा आध्यात्मिक स्थल है जहां लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं और कथा है कि यहां से कोई मायूस होकर वापस नहीं जाता।
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह 5 बजे से शाम 10 बजे तक
  • खाने के विकल्प: पास में कुछ स्थानीय रेस्तरां हैं, जहां आप बिरयानी और अन्य पारंपरिक भोजन का आनंद ले सकते हैं।

9. बांद्रा-वर्ली सी लिंक (Bandra-Worli Sea Link)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

andra-Worli Sea Link

बांद्रा-वर्ली सी लिंक (Bandra-Worli Sea Link), जिसे राजीव गांधी सी लिंक भी कहा जाता है, मुंबई की एक प्रमुख और अत्याधुनिक समुद्रमाथक पुल (sea bridge) है, जो शहर के बांद्रा क्षेत्र को वर्ली से जोड़ता है। यह पुल न केवल मुंबई के यातायात को सुगम बनाने में मदद करता है, बल्कि यह शहर के सबसे प्रसिद्ध और तकनीकी दृष्टि से प्रभावशाली निर्माणों में से एक है।

बांद्रा-वर्ली सी लिंक के बारे में:

इतिहास और निर्माण:

निर्माण शुरू: बांद्रा-वर्ली सी लिंक का निर्माण 2000 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ था और इसे 2010 में पूर्ण रूप से चालू किया गया था।

लक्ष्य: इस पुल का मुख्य उद्देश्य बांद्रा और वर्ली के बीच की दूरी को घटाना और दोनों क्षेत्रों के बीच यातायात की भीड़ को कम करना था।

तकनीकी विशेषताएँ: यह पुल 5.6 किलोमीटर लंबा है और समुद्र के ऊपर बना हुआ है। इसे एक समुद्रमंथन पुल के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिसमें 8 लेन हैं (4 जाने के लिए और 4 आने के लिए)।

मुख्य आकर्षण:

दृश्य और सुंदरता: बांद्रा-वर्ली सी लिंक एक वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इसका डिजाइन अत्यधिक आधुनिक है और यह मुंबई के समुद्र तट और skyline का खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करता है।

निर्माण सामग्री: इस पुल को बनाने में विशेष रूप से उच्च गुणवत्ता वाली स्टील और कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे मजबूत और सुरक्षित बनाता है।

  • बांद्रा-वर्ली सी लिंक को राजीव गांधी सी लिंक भी कहा जाता है, और यह मुंबई का एक प्रमुख समुद्री पुल है जो बांद्रा और वर्ली को जोड़ता है। इसका उद्घाटन 2009 में हुआ था।
  • यह पुल लगभग 5.6 किलोमीटर लंबा है और इसमें 8 लेन हैं, जिससे मुंबई के यातायात में भारी सुधार हुआ है। इसके बनने से पहले इस मार्ग पर 45 मिनट से 1 घंटे तक लगते थे, अब यह सफर 10-15 मिनट में पूरा हो जाता है।
  • इस पुल का एक अनोखा तथ्य यह है कि इसमें इस्तेमाल हुए सभी स्टील केबल्स को जोड़ दिया जाए तो उनकी लंबाई धरती की परिधि के बराबर होती है। ये केबल 900 टन का वजन सह सकते हैं।
  • सी लिंक का वजन 56,000 अफ्रीकन हाथियों के बराबर है, और इस निर्माण में लगभग 90,000 टन सीमेंट का उपयोग हुआ था।
  • इस पुल के निर्माण में भारत के अलावा मिस्र, चीन, कनाडा, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, हांगकांग, थाईलैंड, सिंगापुर, फिलीपींस, इंडोनेशिया और सर्बिया जैसे 11 देशों की कंपनियां शामिल थीं।
  • यह भारत का पहला केबल-स्टे टाइप पुल है, जो आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है।
  • इस पुल पर पैदल चलने की मनाही है और दोपहिया या तिपहिया वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित है, सिर्फ कार और बड़े वाहन ही इस पर चल सकते हैं।
  • बांद्रा-वर्ली सी लिंक न केवल यातायात को सुगम बनाता है, बल्कि यह मुंबई की सुंदरता में चार चांद लगाने वाला पर्यटक आकर्षण भी है। वर्ली सी फेस और बांद्रा बैंडस्टैंड से इस पुल का अद्भुत दृश्य देखा जा सकता है।
  • पुल की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं और नियमित निरीक्षण तथा रखरखाव होता है।
  • भविष्य में इसके विस्तार की योजनाएं चल रही हैं, जिसमें जुहू और बांद्रा को जोड़ने वाले नए पुल भी शामिल हैं।
  • शुल्क: ₹100-₹200 (कार द्वारा यात्रा के लिए)
  • समय: 24 घंटे खुला रहता है
  • खाने के विकल्प: वर्ली और बांद्रा के पास अच्छे कैफे और रेस्तरां है |

10. चोर बाज़ार (Chor Bazaar)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

चोर बाज़ार (Chor Bazaar), मुंबई का एक प्रसिद्ध बाजार है, जो अपने अनोखे और विविध प्रकार के सामान के लिए जाना जाता है। यह बाजार मुंबई के दक्षिणी हिस्से में, भिंडी बाज़ार के पास स्थित है और यहां पर आपको पुराने, प्राचीन और कभी-कभी दुर्लभ वस्तुएं मिलती हैं। नाम से ही इसका अंदाजा लगता है कि यह जगह चोरी के सामान से भरी हो सकती है, लेकिन हकीकत में यह बाजार पुराने और यूज़्ड सामान की खरीद-फरोख्त के लिए प्रसिद्ध है।

  • चोर बाजार मुंबई का सबसे बड़ा कबाड़ी बाजार (फ्ली मार्केट) है, जो मटन स्ट्रीट, ग्रांट रोड के पास भिंडी बाजार के निकट स्थित है। यह बाजार करीब 150 साल पुराना है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षक है।
  • इसका नाम “चोर बाजार” है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यहां चोरी का सामान बेचा जाता हो। दरअसल, इसका नाम अंग्रेजी काल में ‘शोर बाजार’ (Noisy Market) के अपभ्रंश से बना है क्योंकि यहां की गलियां और दुकाने बहुत शोर-गुल वाली होती थीं। धीरे-धीरे यह नाम ‘चोर बाजार’ बन गया।
  • चोर बाजार में पुराने और एंटीक सामान, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कपड़े, जूते, फर्नीचर, बॉलीवुड पोस्टर, और कई अन्य तरह की वस्तुएं मिलती हैं। यहाँ पर पुराने जमाने के टेलीफोन, कैमरे, टाइपराइटर, और चमड़े के ट्रंक भी बिकते हैं।
  • इस बाजार की खासियत है कि अगर आपकी कोई चीज़ मुंबई में कहीं खो जाए, तो माना जाता है कि वह चोर बाजार में मिल जाएगी। इस बात को लेकर एक कहावत भी मशहूर है।
  • एक समय ऐसा था जब यहां चोरी का सामान भी आता था, लेकिन अब चीजें ज्यादातर कानूनी तरीके से और छोटी-छोटी फैक्ट्रियों या खराब हो चुके ब्रांडेड सामान के रूप में आती हैं, जो यहां कम दामों में बेचा जाता है।
  • मुंबई के कमाठीपुरा इलाके में एक और चोर बाजार है, जो रात 4 बजे से सुबह 8 बजे तक खुलता है और दिन में बंद रहता है। वहां पर भी ब्रांडेड सामान आपके बजट में मिल जाता है।
  • यह बाजार मुंबई की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जहां पुराने जमाने की नान-परंपरागत चीजें मिलती हैं, और यह आज भी बड़े पैमाने पर व्यापार का केंद्र बना हुआ है।
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक
  • खाने के विकल्प: आसपास स्ट्रीट फूड के कई विकल्प हैं, जैसे पाव भाजी, समोसा, और मिठाईयाँ।

11. वर्सोवा बीच (Versova Beach)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

वर्सोवा बीच बहुत कम भीड़-भाड़ वाला है और यहाँ लोग शांति से समय बिताने आते हैं। यह स्थान बहुत अच्छे सनसेट व्यू के लिए प्रसिद्ध है। वर्सोवा बीच को मुंबई के नरम सफेद और काले सूखे रेत के सबसे शानदार समुद्र तटों में गिना जाता है।

वर्सोवा बीच को मछली पकड़ने के छोटे से गावं के रूप में जाना जाता है | यह छोटा सा समुद्र तट इस छोटे से गावं को मछली बाजार के लिए भी जाना जाता है | यहाँ पर फोटोग्राफर खूबसूरत फोटोग्राफी के लिए आकर्षित होते है खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय | यहाँ पर आप साइकिलिंग, घुड़सवारी और स्नॉर्कलिंग आदि कर सकते हैं |

  • वर्सोवा बीच मुंबई के सबसे खूबसूरत और साफ-सुथरे समुद्र तटों में से एक है, जो अंधेरी के पश्चिमी उपनगर में स्थित है। यह जुहू बीच से एक खाड़ी और एक पुल के जरिए अलग है।
  • वर्सोवा समुद्र तट मुंबई के सबसे पुराने मछुआरा समुदाय कोली का घर है। यहाँ के कोली लोग पारंपरिक तरीके से मछली पकड़ने का काम करते हैं, और यह समुदाय समुद्री जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • इस बीच का एक खास आकर्षण यहाँ के विशाल और खूबसूरत सूर्यास्त हैं, जिन्हें देखने पर पर्यटक और स्थानीय दोनों बहुत आते हैं।
  • वर्सोवा बीच पर प्राकृतिक तरह से बने बड़े-बड़े चट्टानें हैं, जो समुद्र और आसपास की इमारतों की सुरक्षा करती हैं।
  • मुंबई के अन्य व्यस्त और भीड़-भाड़ वाले बीचों से अलग, वर्सोवा बीच शांत और कम भीड़ वाला स्थल है, जो शांति और प्राकृतिक सुंदरता की तलाश करने वालों के लिए आदर्श है।
  • इस बीच के आसपास कई अच्छे कैफे, रेस्टोरेंट और आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे यह परिवार और युवा युवतियों के बीच भी लोकप्रिय है।
  • वर्सोवा का इतिहास एक मछली पकड़ने वाले गाँव के रूप में शुरू हुआ था, और समय के साथ यह एक विकसित और आकर्षक क्षेत्र बन गया है, लेकिन यहाँ की मछुआरा संस्कृति आज भी जीवित है।
  • वर्सोवा किले (Versova Fort) भी यहाँ की प्रसिद्ध ऐतिहासिक जगह है, जो पर्यटकों को आकर्षित करती है।
  • यहाँ का सामुद्री माहौल और साफ़-सुथरी हवा मुंबई के व्यस्त जीवन से एक अच्छा ब्रेक प्रदान करती है, इसलिए लोग अक्सर यहाँ विश्राम और पिकनिक के लिए आते हैं।
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक
  • खाने के विकल्प: यहां पास के कैफे और स्नैक स्टॉल्स हैं।

12. डॉ. भाऊ दाजी लाड म्यूजियम (Dr. Bhau Daji Lad Museum)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

यह म्यूजियम मुंबई के इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानकारी देता है। यहाँ आपको पुरानी शिल्पकला और पारंपरिक कलाकृतियाँ देखने को मिलती हैं।

मुंबई के भायखला क्षेत्र में स्थित यह संग्रहालय शहर का सबसे पुराना संग्रहालय है, जिसकी स्थापना 1857 में हुई थी और जो पहले विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम के नाम से जाना जाता था। यहाँ मुंबई की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कलात्मक धरोहर से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं, शिल्पकला, दस्तावेज़, नक्शे, लघु मूर्तियाँ, और प्राचीन पुस्तकें प्रदर्शित की जाती हैं। परिवारों, बच्चों और शोधार्थियों के लिए यह जगह बेहद ज्ञानवर्धक और आकर्षक है, साथ ही यह व्हीलचेयर-अनुकूल सुविधाओं और लाइव परफॉर्मेंस जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं से भी युक्त है।

  • यह म्यूजियम मुंबई का सबसे पुराना म्यूजियम है, जिसकी स्थापना 1872 में हुई थी। इसका पुराना नाम “विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम” था, जिसे बाद में 1975 में डॉ. भाऊ दाजी लाड के नाम पर नामित किया गया, जो मुंबई के पहले मेडिकल ग्रेजुएट और शहरी सुधारक थे।
  • म्यूजियम की इमारत यूरोपीय रेनैसेंस रिवाइवल शैली में बनी है, जो ग्रीक पॅलेडियन वास्तुकला की अनोखी मिसाल है। इसका डिज़ाइन रोम के टेम्पल ऑफ ज्यूपिटर से प्रेरित है।
  • म्यूजियम में मुंबई के इतिहास, संस्कृति, कला-कारागिरी, व्यापार, औद्योगिक प्रगति, और सामाजिक जीवन की त्रिमितीय झलक देखने को मिलती है। इसमें प्राचीन नक्शे, चित्र, दस्तावेज, धार्मिक साहित्य, वस्त्र, तथा कई ऐतिहासिक वस्तुएं संग्रहीत हैं।
  • इसकी इमारत में संगमरमर के शिल्प, कलात्मक छतें, सोनेरी काष्ठकला, ग्रीक-रोमन खंभे, विशाल हॉल और कोरीव कांच हैं, जो म्यूजियम को देखने में एक आभा प्रदान करते हैं।
  • म्यूजियम का पुनर्निर्माण और संरक्षण यूनेस्को की सहायता से आधुनिक तकनीक के साथ किया गया है, जिसके लिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार भी मिल चुका है।
  • डॉ. भाऊ दाजी लाड म्यूजियम में कला और विज्ञान की देवताओं के पुतले, पुरानी टेराकोटा मूर्तियां, और ब्रिटिश युग के दौरान मुंबई की सामाजिक-आर्थिक प्रगति की झलक पाने वाले संग्रह हैं।
  • यह म्यूजियम केवल इतिहास और कला संग्रहालय ही नहीं, बल्कि एक शैक्षिक केंद्र भी है, जहां बच्चों और शोधकर्ताओं के लिए कला व सांस्कृतिक कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं।
  • मुंबई के भायखला क्षेत्र में स्थित यह म्यूजियम, वीरमाता जिजाबाई उद्यान के पास है, जिसे स्थानीय लोग भायखला का चिड़िया घर भी कहते हैं।
  • इसके स्थापत्य और कलाकृतियां इस तरह से डिज़ाइन की गई हैं कि यह मुंबई के एक विकसित महानगर में इतिहास, आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
  • शुल्क: ₹10-₹30
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
  • खाने के विकल्प: म्यूजियम के पास कुछ कैफे और रेस्टोरेंट हैं।

13. कनहेरि गुफाएं (Kanheri Caves)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

ये गुफाएं संजय गांधी नेशनल पार्क में स्थित हैं। ये प्राचीन बौद्ध गुफाएं हैं, जो धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ये गुफाएँ लगभग 2000 साल पुरानी हैं| कनहेरि गुफाएँ मुंबई के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हैं और यहाँ का वातावरण शांति और अध्यात्मिकता से भरपूर है।

  • काहेरी गुफाएँ 100 से अधिक रॉक-कट गुफाओं का एक आकर्षक संग्रह है जिसमें ब्राह्मी, देवनागरी और 3 पाहलवी में शिलालेख सहित लगभग 51 सुपाठ्य शिलालेख और 26 एपिग्राफ हैं। 
  • जैसे ही आप चैत्यगृह से बाहर निकलते हैं, आपका स्वागत एक बड़े सामने के बरामदे में किया जाता है। विहार और चैत्यगृह दोनों में बौद्ध धर्म से संबंधित मूर्तियां और नक्काशियां हैं, जो अपने स्तंभों, छतों और दीवारों को अलंकृत करती हैं।
  • मुंबई में बोरीवली के पास, संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित कान्हेरी की गुफाएँ इतिहास प्रेमियों के साथ साथ ट्रेकर्स और रोमांच प्रेमियों के लिए भी काफी पसंदीदा बनी हुई है।
  • शुल्क: ₹40-₹100
  • समय: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक
  • खाने के विकल्प: पास में छोटी दुकानों पर खाने के विकल्प होते हैं।

14. वर्ली सी फेस (Worli Sea Face)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : यह एक खूबसूरत समुद्र किनारा है जहाँ आप समुद्र का शांत दृश्य देख सकते हैं और यहां के वातावरण का आनंद ले सकते हैं।

मुंबई के प्रमुख समुद्री किनारे वाले इलाकों में से एक है, जो शहर के वर्ली क्षेत्र में स्थित है। यह एक सुंदर समुद्र तट है जो वर्ली सी लिंक और समंदर के शानदार दृश्य के लिए प्रसिद्ध है। वर्ली सी फेस का वातावरण शांतिपूर्ण और सुकून देने वाला है, और यह स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय घूमने की जगह है।

  • वर्ली सी फेस लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा है, जहाँ लोग टहलने, दौड़ने या बैठकर समुद्र का आनंद लेने आते हैं |
  • यहाँ से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही आकर्षक होता है, और शाम के समय यह जगह और भी जीवंत हो जाती है |
  • यह क्षेत्र मुंबई के सबसे पॉश और महंगे रिहायशी इलाकों में गिना जाता है, जहाँ कई नामी हस्तियों के घर भी हैं |
  • वर्ली सी फेस के पास कई प्रमुख स्थल हैं, जैसे वर्ली किला, बांद्रा-वर्ली सी लिंक (राजीव गांधी सी लिंक), और दूर से दिखने वाली हाजी अली दरगाह |
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह और शाम सबसे अच्छा है
  • खाने के विकल्प: आसपास के कैफे में हल्के स्नैक्स और समुद्री भोजन उपलब्ध हैं।

15. गिरगांव चौपाटी (Girgaon Chowpatty)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

यह समुद्र तट मुंबई के दिल में स्थित है और यहाँ पर खासकर वीकेंड्स पर बड़ी भीड़ होती है।

  • यह तट मुख्य रूप से गणेश विसर्जन के लिए प्रसिद्ध है, जब हजारों लोग यहाँ भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन करने आते हैं |
  • यहाँ का वातावरण हमेशा रंगीन और उत्साही रहता है, खासकर शाम के समय जब लोग समुद्र की ठंडी हवा और सूर्यास्त का आनंद लेने आते हैं |
  • गिरगांव चौपाटी स्ट्रीट फूड के लिए भी मशहूर है। यहाँ आपको वड़ा पाव, भेलपुरी, पानीपुरी, सेवपुरी, कुल्फी, आइस गोला आदि का स्वाद लेने का मौका मिलता है |
  • बच्चों और परिवारों के लिए यह पिकनिक का बेहतरीन स्थान है। यहाँ झूले, फेरिस व्हील, खिलौनों और अन्य मनोरंजन के साधन उपलब्ध हैं |
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: दिन और रात दोनों समय अच्छा है
  • खाने के विकल्प: यहाँ पर लोकप्रिय स्ट्रीट फूड जैसे भेलपुरी, पाव भाजी, और गट्टा वडा मिलते हैं।

16. श्री सिद्धिविनायक मंदिर (Shree Siddhivinayak Temple)

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : यह एक प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है जो भगवान गणेश को समर्पित है। यहाँ दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ होती है। सिद्धिविनायक मन्दिर मुंबई में है | इस मंदिर में गणेश भगवान् की मूर्ति है | गणेश भगवान् की सूंड जिस प्रतिमा में दाएं तरफ मुड़ी होती है, वे सिद्धि पीठ से जुडी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं।

कहते है इस मंदिर में जो भी मनोकामना होती है वह तुरंत ही पूरी होती है पर भगवान् गणेश जितनी जल्दी प्रसन्न होते है उतनी ही जल्दी नाराज भी होते है |

सिद्धि विनायक की दूसरी विशेषता यह है कि वह चतुर्भुजी विग्रह है। उनके ऊपरी दाएं हाथ में कमल और बाएं हाथ में अंकुश है और नीचे के दाहिने हाथ में मोतियों की माला और बाएं हाथ में मोदक (लड्डुओं) भरा कटोरा है | गणपति भगवान् के दोनों ओर उनकी दोनों पत्निया रिद्धि और सिद्धि विद्यमान है |

  • यह मंदिर 1801 में लक्ष्मण विठु नामक व्यक्ति द्वारा बनवाया गया था। इसका निर्माण एक धनवान निःसंतान महिला, देउबाई पाटिल ने करवाया था, जो चाहती थीं कि बच्चा न होने वाली महिलाओं की मुराद पूरी हो।
  • मंदिर की मुख्य मूर्ति काले पत्थर से बनी है, जिसकी ऊंचाई लगभग 2.5 फीट और चौड़ाई 2 फीट है। इस मूर्ति की खास बात यह है कि गणपति की सूंड दायीं ओर मुड़ी हुई है, जो गणपति की सबसे सिद्धिप्रद मुद्रा मानी जाती है।
  • मूर्ति में भगवान गणेश के चार हाथ हैं, जिनमें मोतियों की माला, कमल, छोटी कुल्हाड़ी और मोदक की थाली रखी हुई है। मूर्ति के दोनों ओर उनकी पत्नियां सिद्धि और ऋद्धि विराजमान हैं।
  • मंदिर का पुनर्निर्माण 1990 में किया गया था जिसमें इसे एक भव्य और आकर्षक रूप दिया गया। मंदिर में छह मंजिला संरचना है, जिसमें 37 छोटे सोने के गुंबद हैं और मुख्य गुंबद सोने की परत से सजा हुआ है।
  • सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के सबसे अमीर और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जहां हर साल करोड़ों रुपये दान के रूप में मिलते हैं। बॉलीवुड सितारों, राजनेताओं, और देशभर के लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं।
  • बुधवार को यह मंदिर सबसे ज्यादा भक्तों से भरा रहता है और दर्शनों के लिए कतारें 2 किमी तक लंबी हो जाती हैं।
  • माना जाता है कि यहाँ की पूजा-अर्चना से भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं, इसलिए इसे “नवसाचा गणपति” के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है “मनोकामना पूरी करने वाला गणपति”।
  • 2012 में एप्पल के सीईओ टिम कुक भारत दौरे की शुरुआत इसी मंदिर से की थी।
  • मंदिर परिसर में गणेश संग्रहालय भी है और मंदिर के लिए खास प्रसाद जैसे लड्डू प्रसाद लिफ्ट के माध्यम से सीधे मंदिर तक पहुंचाए जाते हैं।
  • मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित यह मंदिर शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां दिन-रात भक्त गणपति जी की पूजा करते हैं।
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह 5:30 बजे से रात 10 बजे तक
  • खाने के विकल्प: पास में कई छोटे स्टॉल्स हैं जो प्रसाद के रूप में लड्डू बेचते हैं।

17. ग्लोबल विपाशना पैगोडा (Global Vipassana Pagoda)

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : यह पैगोडा दुनिया का सबसे बड़ा स्तंभ-रहित ध्यान हॉल है, जिसमें एक साथ लगभग 8,000 लोग विपश्यना ध्यान कर सकते हैं। इसकी वास्तुकला बर्मी शैली में है और यह शांति व सद्भाव का प्रतीक है। यहाँ बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित संग्रहालय भी है, जो इसे ध्यान, आत्मशांति और बौद्ध संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए खास बनाता है। पैगोडा का वातावरण अत्यंत शांत और आत्मिक है, लेकिन यहाँ की भीड़ और कभी-कभी लंबी कतारें इसकी शांति को थोड़ा प्रभावित कर सकती हैं।यह ध्यान और शांति का केंद्र है, जहां लोग विपाशना ध्यान की तकनीकों का अभ्यास करने के लिए आते हैं।

  • ग्लोबल विपाशना पैगोडा मुंबई में 1997 में इसके फाउंडेशन का पत्थर रखा गया था और इसका निर्माण कार्य 2000 में शुरू हुआ था। यह विशाल पैगोडा 2008 में पूरा हुआ था।
  • यह विश्व का सबसे बड़ा स्तंभ रहित पत्थर का गुंबद है, जिसका बाहरी व्यास लगभग 97.46 मीटर और अंदरूनी व्यास 85.15 मीटर है।
  • इस पैगोडा की डिज़ाइन म्यांमार के प्रसिद्ध श्वेगदॉन्ग पैगोडा की नक़ल है, लेकिन ग्लोबल विपाशना पैगोडा एक खोखली संरचना है जिसमें विशाल ध्यान कक्ष है जो 8000 से अधिक लोगों को एक साथ बैठने की क्षमता रखता है।
  • गुंबद निर्माण में लगभग 2.5 मिलियन टन पत्थर का उपयोग हुआ, और इसे बिना किसी अस्थायी समर्थन के (सेन्टरिंग के बिना) बनाया गया। गुंबद की शीर्ष कीस्टोन का वजन 10 टन है, जिसे 90 फीट ऊंचाई पर रखा गया।
  • गुंबद का निर्माण भारतीय पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का मिश्रण है ताकि यह हजारों वर्षों तक टिक सके। इसमें पत्थर की इंटरलॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल हुआ है।
  • गुंबद के केंद्र में गौतम बुद्ध की असली हड्डी की Relics (धार्मिक अवशेष) संरक्षित हैं, जो संचित स्थल से मुम्बई लाई गई हैं। ये बोधि समाज और श्रीलंका के प्रधानमंत्री द्वारा दान की गई थीं।
  • पैगोडा के परिसर में विपाशना ध्यान केंद्र भी है, जहां योग और ध्यान के निशुल्क पाठ चलाए जाते हैं, जो श्री एस एन गोएंका द्वारा सिखाए गए विपाशना ध्यान विधि पर आधारित हैं।
  • पैगोडा के शीर्ष पर 17.5 मीटर ऊँचा सोने का दस्तूरतल छत्र (गोल्डन अंब्रेला) है, जो म्यांमार की परंपरा को सम्मानित करता है।
  • निर्माण में 1000 से ज्यादा कारीगरों ने काम किया और यह संरचना जंगल में समुद्र के किनारे, मुम्बई के गोरेई क्रीक के पास बनी है, जो शांति और ध्यान के लिए एक विशाल स्थल है।
  • यह पैगोडा धर्म, शांति और मानवता के लिए समर्पित एक अमूल्य स्मारक है, जो बुद्ध के उपदेशों को मानवता तक पहुंचाने का काम करता है।
  • शुल्क: निःशुल्क
  • समय: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक
  • खाने के विकल्प: यहाँ शाकाहारी भोजन की व्यवस्था होती है।

18. नेहरू प्लेनेटेरियम (Nehru Planetarium)(Mumbai me ghumne ki jagah places to visit )

mumbai me ghumne ki jagah places to visit स्थान खगोलशास्त्र प्रेमियों के लिए बेहतरीन है, जहाँ आप तारों, ग्रहों और ब्रह्मांड के बारे में जान सकते हैं।

यह प्लेनेटेरियम अत्याधुनिक डोम थिएटर, डिजिटल प्रोजेक्शन और 3D-4D शो के साथ अंतरिक्ष और तारों से जुड़े विषयों पर आकर्षक प्रस्तुतियाँ देता है। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए खगोल विज्ञान को रोचक बनाने के लिए यहां लाइव शो, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय और बच्चों के लिए साइंस पार्क जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

इसकी लोकेशन वर्ली में है, जो मुंबई के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यहाँ व्हीलचेयर एक्सेस, पार्किंग, रेस्टोरेंट और बच्चों के लिए उपयुक्त वातावरण जैसी सुविधाएँ भी मिलती हैं। कभी-कभी भीड़ और टिकट के लिए प्रतीक्षा इसकी लोकप्रियता का संकेत है, लेकिन यह अनुभव को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना सकता है।

  • नेहरू प्लेनेटेरियम मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित है और इसका नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू के सम्मान में रखा गया है। इसका उद्घाटन 3 मार्च 1977 को हुआ था।
  • यह प्लेनेटेरियम विज्ञान केन्द्र के रूप में भी जाना जाता है और बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के लिए खगोल विज्ञान का मनोरंजक एवं शैक्षिक अनुभव प्रदान करता है।
  • यहां एक बड़ा डोम थिएटर है जिसमें प्रचारित (प्रोजेक्टेड) 3डी शो, तारामंडल की ध्वनि सहित रोचक स्लाइड प्रोजेक्शन प्रस्तुत किए जाते हैं, जो खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष को समझने में मदद करते हैं।
  • प्लेनेटेरियम परिसर में कंप्यूटर प्रयोगशाला, मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी, हैरिटेज हॉल, ऑडिटोरियम, विज्ञान पुस्तकालय और बच्चों के लिए साइंस पार्क भी है, जिससे यह स्थान पूरी तरह से शिक्षा और मनोरंजन का केंद्र बनता है।
  • नेहरू प्लेनेटेरियम में विशाल पुस्तकालय है जिसमें खगोल विज्ञान, भौतिक विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान की कई किताबें उपलब्ध हैं, जो शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं।
  • मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह प्लेनेटेरियम सुलभ स्थान पर है और लोग जलयान, हवाई जहाज, रेल या बस के जरिए आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।
  • हर रविवार को शाम 7 बजे से 8 बजे तक निशुल्क स्काई ऑब्जर्वेशन शो होता है, जिसमें लोग टेलीस्कोप के जरिए तारों, ग्रहों आदि को देख सकते हैं।
  • शुल्क: ₹100-₹200
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक
  • खाने के विकल्प: पास में कैफे और हल्के स्नैक्स मिलते हैं।

19. एसेल वर्ल्ड (Essel World)( mumbai me ghumne ki jagah places to visit)

यह एक थीम पार्क है, जहाँ आप विभिन्न रोमांचक राइड्स और मनोरंजन का आनंद ले सकते हैं। मुंबई में घूमने के लिए एसेल वर्ल्ड एक शानदार मनोरंजन स्थल है, जो हर उम्र के लोगों को रोमांच और मस्ती का अनूठा अनुभव देता है।

एसेल वर्ल्ड भारत का सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय मनोरंजन पार्क है, जो गोराई में 64 एकड़ में फैला है। यहाँ रोमांचक रोलर कोस्टर, झूले, बच्चों के लिए अलग सेक्शन, आइस स्केटिंग रिंक, डांस फ्लोर और बॉलिंग एली जैसी सुविधाएँ हैं। 

परिवार, दोस्तों और बच्चों के लिए एक परफेक्ट पिकनिक और एडवेंचर डेस्टिनेशन है। यहाँ की भीड़ और कतारें कभी-कभी अनुभव को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं, लेकिन इसकी विविधता और रोमांच इसे मुंबई के घूमने लायक सबसे खास जगहों में शामिल करती है।

अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं तो एसेल वर्ल्ड के भीतर स्थित बर्ड पार्क भी जरूर देखें। यहाँ आपको रंग-बिरंगे पक्षियों की अनेक प्रजातियाँ देखने को मिलेंगी और बच्चों के लिए यह एक शैक्षिक अनुभव भी है। 

एसेल वर्ल्ड परिसर में स्थित टिक टैक टोट एक इनडोर प्ले एरिया है, जो खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त है।

  • एस्सेल वर्ल्ड भारत के सबसे बड़े और सबसे पुराने मनोरंजन पार्कों में से एक है, जो मुंबई के गोराइट इलाके में स्थित है। इसकी स्थापना 1989 में हुई थी।
  • यह पार्क लगभग 64 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसके साथ ही वाटर किंगडम भी जुड़ा हुआ है, जो एशिया का सबसे बड़ा थीम-आधारित वाटर पार्क है।
  • सालाना यहां 18 लाख (1.8 मिलियन) से अधिक लोग आते हैं, जिनमें लगभग 3 लाख छात्र भी शामिल होते हैं।
  • एस्सेल वर्ल्ड में कुल 70 से अधिक सवारी और आकर्षण हैं, जिनमें रोमांचक रोलर कोस्टर, जल सवारी, और पारिवारिक झूले शामिल हैं।
  • इस पार्क में मुंबई की पहली आइस स्केटिंग रिंक भी है, जिसका तापमान लगातार 4 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाता है।
  • पार्क में एक डांस फ्लोर है जहां बॉलीवुड और पश्चिमी संगीत पर पार्टी की जाती है, साथ ही एक 6-लेन बॉलिंग एली भी मौजूद है।
  • यहां विभिन्न प्रकार के भोजन विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी भारतीय व्यंजन, दक्षिण भारतीय, पंजाबी, चीनी, और लोकल मुंबई व्यंजन शामिल हैं।
  • 2010 में मॉन्स्टर इन द मिस्ट नामक हॉरर सवारी शुरू की गई, जिसे भारत की सबसे खतरनाक सवारी माना जाता है।
  • एस्सेल वर्ल्ड 365 दिन सालभर खुला रहता है और परिवार के सभी सदस्यों के लिए मनोरंजन की बेहतरीन जगह माना जाता है।
  • एस्सेल वर्ल्ड का स्वामित्व एसेल ग्रुप का है, जिसे 1976 में श्री सुभाष चंद्रा ने स्थापित किया था।
  • यह पार्क मुंबई में एक बड़ा पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी लोकप्रिय परिवार केंद्र है।
  • एस्सेल वर्ल्ड में सैर करने के अलावा यहां लाइव शो, आइस स्केटिंग, डिस्कोथेक, और आर्केड गेम्स का भी प्रबंध है।
  • शुल्क: ₹500-₹1500
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक
  • खाने के विकल्प: वर्ल्ड क्लास फूड कोर्ट, जिसमें पिज्जा, बर्गर, स्नैक्स और भारतीय व्यंजन मिलते हैं।

20. सिद्धिविनायक म्यूजियम (Siddhivinayak Museum)

Mumbai me ghumne ki jagah places to visit : यह म्यूजियम मुंबई के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को प्रदर्शित करता है। सिद्धिविनायक म्यूजियम मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर परिसर में स्थित है, जो भक्तों और इतिहास प्रेमियों को गणेश जी से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं और ऐतिहासिक धरोहर देखने का अवसर देता है।

यह म्यूजियम सिद्धिविनायक मंदिर परिसर का हिस्सा है, जहाँ भगवान गणेश से संबंधित ऐतिहासिक वस्तुएं, प्राचीन मूर्तियाँ, दान स्वरूप प्राप्त दुर्लभ उपहार और मंदिर के इतिहास से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की जाती है। यह स्थान भक्तों को मंदिर की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व को गहराई से समझने का अवसर देता है, साथ ही यहाँ का शांत वातावरण और आधुनिक सुविधाएँ इसे दर्शकों के लिए खास बनाती हैं।

  • सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जिसकी स्थापना 1801 में हुई थी। इसका निर्माण एक छोटी ईंट की संरचना के रूप में हुआ था, जिसमें भगवान गणेश की एक काले पत्थर की मूर्ति थी। यह मूर्ति आज भी बरकरार है।
  • मंदिर के आर्किटेक्चर को शरद अठाले ने डिजाइन किया, जिसमें छह मंजिला संरचना और सोने की परत वाले गुंबद शामिल हैं। मंदिर के गुंबदों की संख्या 37 है जो इसे भव्य बनाती हैं।
  • गणपति की मूर्ति के माथे पर तीसरी आंख होती है और उसकी सूंड दाई ओर मुड़ी हुई होती है, जो इसे अन्य गणेश मूर्तियों से अलग पहचान देती है। मूर्ति के चार हाथ हैं जिनमें मोदक, कमल, माला और कुल्हाड़ी हैं।
  • मंदिर के अंदर भगवान गणेश के साथ उनकी दो पत्नियां सिद्धि और ऋद्धि की मूर्तियां भी हैं, जो सफलता और समृद्धि का प्रतीक हैं।
  • सिद्धिविनायक मंदिर महाराष्ट्र के सबसे धनी मंदिरों में से एक है और यहां प्रति वर्ष 100 से 150 मिलियन रुपये तक आर्थिक दान प्राप्त होते हैं।
  • मुंबई के बॉलीवुड सितारे, राजनेता और अन्य प्रसिद्ध व्यक्ति इस मंदिर के नियमित भक्त हैं। यहां प्रत्येक बुधवार को विशेष पूजा होती है और उस दिन दर्शनार्थियों की भीड़ बहुत अधिक होती है।
  • मंदिर परिसर में फूल गली भी है जहां माला, मोदक, नारियल आदि की खरीदारी की जा सकती है।
  • मंदिर की पुनर्निर्मित संरचना में अस्पताल, रसोईघर, प्रवचन ग्रह और संग्रहालय भी शामिल हैं जो भक्तों की सुविधा के लिए बनाए गए हैं।
  • शुल्क: ₹50-₹100
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
  • खाने के विकल्प: आसपास के बाजारों में हल्के स्नैक्स उपलब्ध हैं।

निष्कर्ष

mumbai me ghumne ki jagah places to visit में घूमने के लिए बहुत सी अद्भुत जगहें हैं। यहाँ के हर स्थल का अपना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसके अलावा, आपको यहाँ विभिन्न प्रकार के खाने के विकल्प मिलते हैं, जो आपको यहाँ के संस्कृति और विविधता का अनुभव कराते हैं।

FAQ

Kaun se Mumbai ke jagah aapko sabse zyada prerna deti hain ?

मुंबई में कई ऐसी जगहें हैं जो लोगों को गहराई से प्रेरित करती हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं:
मुंबा देवी मंदिर: यह मंदिर न सिर्फ मुंबई के नाम की वजह है, बल्कि इसकी ऐतिहासिकता और श्रद्धा लोगों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देती है। 400 साल पुराने इस मंदिर से मुंबई की शुरुआत मानी जाती है, जो बताता है कि किसी भी शहर या व्यक्ति की पहचान उसकी जड़ों से होती है|
गेटवे ऑफ इंडिया: यह स्मारक आज़ादी, स्वागत और नए अवसरों का प्रतीक है। अरब सागर के किनारे खड़ा यह गेट हर आने-जाने वाले को आगे बढ़ने और नए अनुभवों के लिए प्रेरित करता है|
मरीन ड्राइव: इसे ‘क्वीन्स नेकलेस’ भी कहा जाता है। यहाँ बैठकर समुद्र की लहरों और सूर्यास्त को देखना जीवन की भागदौड़ में भी शांति और सुकून पाने की प्रेरणा देता है|
हाजी अली दरगाह: समुद्र के बीच स्थित यह दरगाह आस्था, उम्मीद और कठिन परिस्थितियों में भी डटे रहने का संदेश देती है। ज्वार-भाटा के बावजूद दरगाह तक पहुंचना और वहां की शांति महसूस करना बहुत प्रेरणादायक है|
संजय गांधी नेशनल पार्क: यह पार्क प्रकृति के करीब आने, जीवन की विविधता को समझने और संरक्षण का महत्व जानने के लिए प्रेरित करता है|
एलिफेंटा की गुफाएँ: प्राचीन शिल्पकला और धार्मिकता का अद्भुत संगम, जो बताता है कि इंसान की रचनात्मकता और आस्था समय के साथ और मजबूत होती जाती है|

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