10 बेहतरीन rishikesh haridwar me ghumne ki jagah जो आपको प्रभावित करेंगी!

भारत में rishikesh haridwar me ghumne ki jagah धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कई स्थल हैं, और ऋषिकेश व हरिद्वार इन दोनों शहरों का विशेष स्थान है। ये दोनों उत्तर भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित हैं और पर्यटकों को आध्यात्मिक शांति, आकर्षक नदियाँ, खूबसूरत पर्वत दृश्य और ऐतिहासिक स्थल प्रदान करते हैं।

ऋषिकेश उत्‍तराखण्‍ड में हिमालय की गोद में बसा गंगा नदी के किनारे एक बहुत ही खूबसूरत शहर है | जिसे “योग नगरी” और “एडवंचर सिटी” के नाम से भी जाना जाता है क्यूंकि यहॉं पर बंजी जंपिग और रिवर राफ्टिंग जैसी बहुत सारी एडवंचर एक्टिविटी होती हैंं। 

ऋषिकेश नगर भगवान् विष्णु के नाम से लिया गया है | जो हृषीक अर्थात् ‘इन्द्रियों’ और ईश अर्थात् ‘ईश्वर’ की समास से बना है,  और ‘इन्द्रियों के ईश्वर’ का संयुक्तार्थ देता है। यह गंगा नदी के दाहिने किनारे पर स्थित हिन्दुओ का एक तीर्थस्थल है |

हिंदू धर्म के अनुसार हरिद्वार उत्तराखंड का एक बहुत ही प्रमुख शहर है क्योंकि यहां से हिंदू धर्म के चार धाम केदारनाथ बद्रीनाथ गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का गेटवे माना जाता है। इसके अलावा हरिद्वार में विश्व प्रसिद्ध है महाकुंभ और अर्ध कुंभ का भी आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाता है

इन दोनों शहरों में घूमने के लिए 10 बेहतरीन जगहें, जहां आप न केवल खूबसूरत दृश्य का आनंद ले सकते हैं, बल्कि वहां के खानपान, शुल्क और समय संबंधी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऋषिकेश और हरिद्वार तक पहुँचने के साधन

परिवहन का साधनविवरणलागत (लगभग)समय
ट्रेनदिल्ली/लखनऊ/देहरादून से हरिद्वार तक ट्रेनें उपलब्ध हैं₹150 – ₹1000 (क्लास के अनुसार)4 – 6 घंटे
बसउत्तराखंड रोडवेज या प्राइवेट वॉल्वो बसें₹200 – ₹7005 – 7 घंटे
टैक्सी/कैबदिल्ली से डायरेक्ट टैक्सी₹3000 – ₹60005 – 6 घंटे
फ्लाइट + टैक्सीदेहरादून (Jolly Grant एयरपोर्ट) तक फ्लाइट, फिर टैक्सी से हरिद्वार/ऋषिकेशफ्लाइट: ₹1500 – ₹4000
टैक्सी: ₹600 – ₹1500
फ्लाइट: 1 घंटा
टैक्सी: 45 मिनट – 1 घंटा

रेस्टोरेंट बजट (ऋषिकेश / हरिद्वार)

रेस्टोरेंट प्रकारलागत (प्रति व्यक्ति)विवरण
सड़क किनारे ढाबा₹50 – ₹150सस्ता और स्थानीय स्वाद
मिड-रेंज रेस्टोरेंट₹150 – ₹400आरामदायक बैठने की व्यवस्था और विविध भोजन
हाई-एंड / कैफे₹400 – ₹800+ऋषिकेश में कई योगा कैफे और फ्यूजन फूड कैफे
पवित्र स्थानों के पास प्रसाद या लंगर₹0 – ₹50 (दान आधारित)गुरुद्वारा या मंदिरों में भोजन

1. लक्ष्मण झूला, ऋषिकेश (rishikesh haridwar me ghumne ki jagah)

लक्ष्मण झूला ऋषिकेश का सबसे प्रसिद्ध पुल है, जो गंगा नदी पर बना हुआ है। यह पुल पौराणिक महत्व रखता है और यहां से नदी के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं। यह स्थल आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के लिए आदर्श है। यहां से गंगा के लहरों का दृश्य बहुत सुंदर होता है लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते 2020 से पूर्णतः बन्द कर दिया गया।

कहा जाता है भगवान राम जी के अनुज लक्ष्मण ने गंगा नदी पर बना जूट के रस्सी के पूल को पार किया था इसलिए इस पूल का नाम लक्ष्मण झूला पड़ा | हिन्दू धर्म के तीर्थ यात्रियों के लिए इसमें विशेष आस्था है | पास ही लक्ष्मण मंदिर भी है जो इस स्थान को और भी पवित्र बना देता है |

1889 में कोलकाता के सेठ सूरजमल झुहानूबाला ने स्वामी विशुदानंद की प्रेरणा से जूट की रस्सियों की जगह लोहे की तारों से मजबूत पुल बनवाया। यह पुल 284 फीट लंबा था, लेकिन 1924 की भीषण बाढ़ में बह गया। जो अब जर्जर हो चूका है और इस पूल वाले रास्ते को बंद भी कर दिया गया है |

स्थानलक्ष्मण झूला
बोर्डिंग समय6:00 AM से 12:00 AM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानआस-पास के कैफे और स्टॉल्स में चाय, स्नैक्स।
पतालक्ष्मण झूला, ऋषिकेश

2. राम झूला, ऋषिकेश

लक्ष्मण झूला की तरह ही राम झूला भी ऋषिकेश का प्रमुख आकर्षण है। इस पुल से गंगा की लहरों को निहारना एक अविस्मरणीय अनुभव है। इस स्थान से आसपास के मंदिर और आश्रमों के दृश्य भी अद्भुत होते हैं।

राम झूला भी एक प्रसिद्ध पुल है, जो गंगा नदी पर बना है और यहां से बहुत सुंदर दृश्य दिखाई देते हैं। यह धार्मिक स्थल भी है और आसपास के आश्रमों में साधना का माहौल होता है।  इस पूल का संपर्क शिवानंद आश्रम, गीता भवन, परमार्थ निकेतन और स्वर्गाश्रम से जुड़ा है।

उत्तराखंड राज्य में स्थित ऋषिकेश शहर से 3 km दूर गंगा नदी पर बना राम झूला 33 साल पुराना है। इस पुल का निर्माण 1986 में उत्तेर प्रदेश सरकार द्वारा करवाया गया था। 750 फुट लम्बा यह पुल गंगा नदी के ऊपर झूलता है। 

जो गोमुख से निकलकर पर्वतो के बिच से बहती हुई ऋषिकेश के समुद्र तल यानि धरती को स्पर्श करती है। इस पुल को लोहे की मजबूत तारो से बनाया गया है। राम झूला लक्ष्मण झूला से काफी बड़ा है | रात में रंग-बिरंगी चमकती लाइटों में ये बहुत अद्भुत दिखता है |

स्थानराम झूला
बोर्डिंग समय5:30 AM से 12:00 AM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानआस-पास के कैफे और स्थानीय भोजन।
पताराम झूला, ऋषिकेश

3. त्रिवेणी घाट, हरिद्वार (rishikesh haridwar me ghumne ki jagah)

हरिद्वार का त्रिवेणी घाट गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थल हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक है। यहां सूर्यास्त के समय गंगा आरती का दृश्य बहुत ही आत्मिक और आकर्षक होता है।

त्रिवेणी घाट तीन नदियों के संगम गंगा, यमुना और सरस्वती का समूह है, जो ऋषिकेश में यह सबसे पूज्यनीय पवित्र स्थल का स्थान है। | त्रिवेणी घाट गंगा नदी के तट पर स्थित है | इस घाट का प्रयोग ज्यादातर तीर्थ यात्री स्नान करने में करते हैं |

यह भी माना जाता है की यहाँ पर स्नान करने से लोगो का पाप धूल जाता है और वे पवित्र हो जाते हैं | इस घाट का उल्लेख महाभारत और रामायण में भी मिल जायेगा |

ऐसा भी माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने इस पवित्र स्थल पर आये थे और जब उन्हें ‘जरा’ नामक शिकारी ने तीर से घायल कर दिया था। त्रिवेणी घाट के तट पर लोकप्रिय गीता मंदिर एवं लक्ष्मीनारायण मंदिर स्थित हैं।

यहां पर सूर्यास्त के समय की गंगा आरती बहुत ही प्रभावशाली होती है। rishikesh haridwar me ghumne ki jagah यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है।

स्थानत्रिवेणी घाट
बोर्डिंग समय5:00 AM से 9:00 PM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानघाट के पास विभिन्न स्टॉल्स में स्थानीय भोजन।
पतात्रिवेणी घाट, हरिद्वार

4. हरकी पैड़ी, हरिद्वार

हरकी पैड़ी, हरिद्वार का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जो गंगा नदी के किनारे स्थित है। यह जगह भक्तों के लिए बहुत ही पवित्र मानी जाती है। यहां लोग अपनी पूजा अर्चना करते हैं और गंगा स्नान करते हैं।

हर की पौड़ी अर्थात हरि की पौड़ी का मतलब होता है भगवान की सीढ़ी माना जाता है। एक समय भगवान विष्णु यहां पर आए थे और उन्हीं के पदचिन्ह इस घाट पर बन गए जिसे मां गंगा हमेशा छूते हुए बहती रहती हैं।

हरकी पैड़ी उत्तराखंड हरिद्वार में एक पवित्र स्थल है | इसका भावार्थ है “हर यानी शिव के चरण”। हिन्दू धार्मिक कथा के अनुसार जब अमृत मंथन हुआ था जब देव और राक्छस अमृत के लिए झगड़ रहे थे तो अमृत की कुछ बूँदें हरिद्वार के इस स्थान पे भी गिरी थी जिस स्थान का नाम हरकी पैड़ी है | यहाँ पे स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है |

स्थानहरकी पैड़ी
बोर्डिंग समय6:00 AM से 8:00 PM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानपास में हल्का भोजन और प्रसाद।
पताहरकी पैड़ी, हरिद्वार

5. स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश (rishikesh haridwar me ghumne ki jagah)

स्वर्गाश्रम ऋषिकेश में स्थित एक शांतिपूर्ण rishikesh haridwar me ghumne ki jagah या स्थान है, जहां आपको योग और ध्यान सिखने का अवसर मिलता है। यहां स्थित आश्रमों में साधना के लिए वातावरण बहुत ही उपयुक्त है, और यह एक धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।

स्वर्गाश्रम ऋषिकेश का शांतिपूर्ण स्थल है, जहां योग और ध्यान के अभ्यास के लिए आदर्श वातावरण है। यहां आप ध्यान और योग में गहरी शांति पा सकते हैं।

स्वर्गाश्रम का अर्थ है “स्वर्ग से बना” अर्थात स्वर्ग | इस आश्रम का निर्माण स्वामी विशुद्धःनंद की याद में किया गया था | जो संत काली कमली वाला के नाम से जाने जाते थे | यह गंगा पर राम झूला पर स्थित है | यहाँ पर देशी तथा विदेशी दोनों पर्यटक आते है | इस क्षेत्र का नाम काली कमली वाला भी है |

स्थानस्वर्गाश्रम
बोर्डिंग समय6:00 AM से 7:00 PM तक
शुल्कयोग कक्षाओं के लिए शुल्क।
खानपानआश्रम में शाकाहारी भोजन।
पतास्वर्गाश्रम, ऋषिकेश

6. ब्रह्मकुंड, हरिद्वार

हरिद्वार में स्थित ब्रह्मकुंड को बहुत ही पवित्र माना जाता है। यहां पवित्र स्नान करने के बाद लोग अपने पापों से मुक्ति पाते हैं। यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए एक आस्थावान स्थल है।

यहां प्रतिदिन भव्य गंगा आरती होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ब्रह्मकुंड पर स्नान और आरती का अनुभव हरिद्वार यात्रा का मुख्य आकर्षण है | यह स्थान हरिद्वार के धार्मिक महत्व को दर्शाता है।

ऐसा कहा जाता है कि ब्रह्माजी स्वयं यहां विराजमान हैं, और इसी कारण इस घाट का महत्व अन्य घाटों से अधिक है | हरिद्वार में गंगा की मुख्य धारा से एक शाखा निकालकर ब्रह्मकुंड में प्रवाहित की गई है, जिसमें अधिकांश तीर्थयात्री स्नान करते हैं

स्थानब्रह्मकुंड
बोर्डिंग समय6:00 AM से 7:00 PM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानआसपास छोटे स्टॉल्स में भोजन।
पताब्रह्मकुंड, हरिद्वार

7. नीलकंठ महादेव मंदिर, ऋषिकेश

नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी होती है। इस मंदिर से गंगा और पहाड़ियों का दृश्य बहुत ही सुंदर दिखाई देता है।

कहा जाता है की भगवान् शिव ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन से निकला हुआ विष पिया था | उसी समय उनकी अर्धांगिनी देवी पार्वती ने उनका गला यानि कंठ दबा दिया था | जिसकी वजह से जहर उनकी पेट में नहीं गया | इस तरह विष उनके गले में ही रह गया था | विष पान के बाद उनका गला नीला पड़ गया था | इसलिए उनको (भगवान् शिव को) गला नीला पड़ने के कारण नीलकंठ के नाम से जाना जाने लगा | भगवान् शिव का एक नाम नीलकंठ भी है | मंदिर के अंदर पानी का एक झरना है जहाँ भक्तगण मंदिर के दर्शन करने से पहले स्नान करते हैं |

नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश से लगभग 3500 फीट की ऊँचाई पर स्वर्ग आश्रम की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। 

स्थाननीलकंठ महादेव मंदिर
बोर्डिंग समय5:00 AM से 7:00 PM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानमंदिर के पास छोटे भोजनालय।
पतानीलकंठ महादेव मंदिर, ऋषिकेश

8. मायाकुंड, ऋषिकेश

मायाकुंड एक पवित्र स्थान है, जहां पर लोग ध्यान और साधना के लिए आते हैं। यहां का वातावरण बहुत ही शांत और शांतिपूर्ण होता है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो यह जगह आपको बहुत भाएगी। यहाँ का वातावरण प्राकृतिक होता है।

स्थानमायाकुंड
बोर्डिंग समय7:00 AM से 6:00 PM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानपास में छोटे कैफे।
पतामायाकुंड, ऋषिकेश

9. सप्तऋषि आश्रम, ऋषिकेश

सप्तऋषि आश्रम ऋषिकेश के एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में से एक है। यह आश्रम गंगा के किनारे स्थित है और यहां साधना, ध्यान, और योग की प्रैक्टिस करने के लिए शांत वातावरण मिलता है। यहां आकर आपको शांति और आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। यह जगह शांतिपूर्ण वातावरण में समय बिताने के लिए आदर्श है।

सप्तऋषि आश्रम गंगा नदी के तट पर, हरिद्वार से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक आश्रम है। यह आश्रम ऋषिकेश के रास्ते में, हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में आता है, और ऋषिकेश से भी इसकी दूरी कम है, इसलिए कई बार इसे ऋषिकेश के आसपास का आश्रम भी कहा जाता

स्थानसप्तऋषि आश्रम
बोर्डिंग समय6:00 AM से 8:00 PM तक
शुल्कआश्रम में ध्यान कक्षाओं का शुल्क।
खानपानआश्रम में शाकाहारी भोजन।
पतासप्तऋषि आश्रम, ऋषिकेश

10. भारत मंदिर, हरिद्वार

भारत मंदिर हरिद्वार का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित है और यहां दर्शन करने से भक्तों को मानसिक शांति मिलती है। हरिद्वार के अन्य मंदिरों की तरह यहां भी पूजा अर्चना और गंगा स्नान का महत्व है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए एक शांतिपूर्ण स्थान है।

भारत मंदिर ऋषिकेश के मध्य में स्थित सबसे प्राचीन और प्रमुख मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान हृषिकेश नारायण (भगवान विष्णु) को समर्पित है और ऋषिकेश शहर का नाम भी इन्हीं भगवान के नाम पर पड़ा है |

भारत मंदिर का उल्लेख स्कन्द पुराण के केदार खंड (अध्याय 115-120) में मिलता है। मान्यता है कि 17वें मन्वंतर में रैभ्य मुनि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने यहां प्रकट होकर कहा था कि वे ‘हृषिकेश’ नाम से सदा यहां निवास करेंगे, इसी कारण इस स्थान का नाम ऋषिकेश पड़ा |

स्थानभारत मंदिर
बोर्डिंग समय6:00 AM से 9:00 PM तक
शुल्कमुफ्त
खानपानपास में हल्का भोजन।
पताभारत मंदिर, हरिद्वार

निष्कर्ष:

ऋषिकेश और हरिद्वार में स्थित ये 10 बेहतरीन स्थल न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यहां के प्राकृतिक दृश्य और शांति भी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करते हैं। इन स्थानों की यात्रा से आपको आध्यात्मिक और मानसिक शांति मिलेगी, और प्रकृति के साथ एक गहरा संबंध महसूस होगा। अगर आप भी एक यादगार यात्रा की तलाश में हैं, तो ऋषिकेश और हरिद्वार की इन जगहों का दौरा अवश्य करें |

FAQ

कौन सी जगह आपको सबसे ज्यादा शांतिपूर्ण अनुभव देगी?

Ans. गर आप ऋषिकेश-हरिद्वार क्षेत्र में सबसे ज्यादा शांतिपूर्ण अनुभव की तलाश में हैं, तो ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन आश्रम आपके लिए सबसे उपयुक्त स्थान हैं।
त्रिवेणी घाट
यह घाट गंगा नदी के किनारे स्थित है और यहां सुबह-शाम की गंगा आरती, नदी की कलकल ध्वनि, और आसपास का शांत वातावरण आपको गहरे सुकून का अनुभव कराता है। यहां बैठकर ध्यान करना, बहते पानी की आवाज सुनना और सूर्योदय या सूर्यास्त देखना बेहद शांतिपूर्ण होता है।
परमार्थ निकेतन आश्रम
यह आश्रम योग, ध्यान और साधना के लिए प्रसिद्ध है। यहां का वातावरण बेहद शांत, हरियाली से भरपूर और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत है। गंगा किनारे बैठकर ध्यान लगाना या आश्रम की आरती में शामिल होना आपको भीतर तक शांति का अहसास कराएगा।

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